2जी स्पेक्ट्रम देश का सबसे बड़ा घोटाला : आडवाणी
भाजपा नेता ने राष्ट्रमंडल खेलों की तैयारी में धन के दुरुपयोग की जांच के लिए समिति गठित करने की केंद्र सरकार की पहल का स्वागत करते हुए कहा कि वह उम्मीद रखते हैं कि किसी के साथ अन्याय नहीं होगा। अपने ब्लॉग पर लिखे ताजा टिप्पणी में आडवाणी ने 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन पर पिछले सप्ताह आई नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट का हवाला दिया है।
उन्होंने लिखा है, "नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक ने रिपोर्ट दी है कि ए राजा के दूरसंचार मंत्रालय ने 2008 में कानून एवं वित्त मंत्रालय यहां तक कि प्रधानमंत्री की सलाह को नजरअंदाज कर मनमाने ढंग से स्पेक्ट्रम का आवंटन किया।" उन्होंने कहा कि कैग ने इस घोटले से देश को 1.40 लाख करोड़ रुपये के नुकसान की आशंका जताई है।
आडवाणी ने कहा "दूर संचार मंत्रालय के पास वित्त और कानून मंत्रालय के सलाह को दरकिनार करने का कोई वैध कारण नहीं था। उसने 2जी आवंटन के मामले में दूरसंचार आयोग के साथ विचार-विमर्श नहीं किया जबकि सभी एजेंसियां स्पेक्ट्रम की कमी और कम कीमत को लेकर चिंता व्यक्त कर रही थीं।
स्पेक्ट्रम आवंटन के लिए शुल्क का निर्धारण वर्ष 2001 की दर पर किया गया।" आडवाणी ने कहा है कि कैग ने दूरसंचार मंत्रालय के उन तर्को को खारिज कर दिया है जिसमें कहा गया था कि स्पेक्ट्रम का आवंटन पूर्व सरकार द्वारा तय नीतियों के आधार पर किया गया।













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