मायावती ने की प्रधानमंत्री से मुलाकात (लीड-1)
मुलाकात के दौरान मायावती ने राज्य की लंबित पड़ी परियोजनाओं को मंजूरी देने और प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत 5,962 करोड़ रुपये मंजूर करने का आग्रह किया।
मायावती ने बाद में संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि उन्होंने राज्य से संबंधित महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाया। मायावती ने कहा कि प्रधानमंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया कि राज्य सरकार की मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।
मायावती ने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 12 जिले आपदा ग्रस्त घोषित किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि 33 जिलों में कुल 5,959 गांवों को बाढ़ के कारण नुकसान हुआ है। आठ लाख हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि प्रभावित हुई है और 425 लोगों की मौत हो गई है।
मायावती ने कहा कि यद्यपि उन्होंने बाढ़ सहायता पाने के लिए प्रधानमंत्री को 22 और 29 सितम्बर को पत्र लिखा था, लेकिन कोई राहत उपलब्ध नहीं कराई गई। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने बाढ़ के कारण हुए नुकसान के आकलन के लिए एक टीम भेजने की भी जरूरत नहीं समझी।
मायावती ने कहा कि प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत 5,962 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तथा राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के तहत राज्य सरकार का 9,700 करोड़ रुपये का प्रस्ताव केंद्र सरकार के पास लंबित है।
मायावती ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा बुंदेलखण्ड के लिए घोषित 3,506 करोड़ रुपये का पैकेज अपर्याप्त है।
मायावती ने इस बात पर खेद प्रकट किया कि केंद्र सरकार ने जेवर में ताज अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डा को मंजूरी नहीं दी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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