भारत व जर्मनी जी-4 के प्रयास को बढ़ावा देंगे (लीड-1)
परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) के सदस्य जर्मनी ने परमाणु अप्रसार के मुद्दे पर भारत के साथ सघन संवाद की भी इच्छा जाहिर की। जर्मनी ने दावा किया कि वह इन संकेतों से उत्साहित है कि भारत व्यापक परमाणु परीक्षण प्रतिबंध संधि (सीटीबीटी) पर हस्ताक्षर कर सकता है।
विदेश मंत्री एस.एम.कृष्णा के साथ बातचीत के बाद जर्मन विदेश मंत्री ग्वीडो वेस्टरवेल ने यहां संवाददाताओं को बताया, "वैश्विक आतंकवाद और हिंसक चरमवाद इस क्षेत्र और दुनिया के लिए खतरे हैं। आतंक के खिलाफ लड़ाई केवल क्षेत्र के हित में नहीं है, बल्कि दुनिया के हित में भी।"
वेस्टरवेल ने कहा, "जर्मनी आतंकवाद से लड़ाई में भारत के साथ सूचना के आदान-प्रदान को राजी है।" इसके साथ ही उन्होंने कहा कि जर्मनी ने अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद के खिलाफ व्यापक प्रस्ताव को बढ़ावा देने में भारत की पहल का समर्थन किया।
विदेश मंत्री कृष्णा और वेस्टरवेल के बीच हुई बैठक में परमाणु अप्रसार और निरस्त्रीकरण जैसे वैश्विक मुद्दों पर चर्चा हुई।
वेस्टरवेल ने कहा, "सीटीबीटी पर जर्मनी का स्पष्ट रुख है। कई सारे ऐसे देश हैं, जिन्होंने सीटीबीटी को लागू नहीं किया है। जिन देशों ने सीटीबीटी पर हस्ताक्षर किया है, हम उन सभी देशों को प्रोत्साहित कर रहे हैं कि वे इसे लागू करें।"
ईरान के मुद्दे पर वेस्टरवेल ने कहा कि तेहरान के परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत के दौरान चर्चा हुई। उन्होंने कहा, "दुनिया में कोई भी ऐसा देश नहीं है, जो यह चाहता हो कि ईरान में परमाणु हथियार हो।"
कृष्णा ने वेस्टरवेल के साथ बातचीत के दौरान संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के विस्तार, आतंकवाद से निपटने की दिशा में सहयोग बढ़ाने, जलवायु परिवर्तन और आर्थिक व रक्षा संबंधों को बढ़ावा देने को लेकर चर्चा की।
भारतीय सांस्कृतिक सम्बंध परिषद के महानिदेशक और जर्मनी के विदेश मंत्रालय में सांस्कृतिक एवं विज्ञान विभाग के महानिदेशक थॉमस गोयत्ज ने एक समझौता पत्र (एमओयू) पर हस्ताक्षर किया।
इसके तहत वर्ष 2010-12 के दौरान भारत में साल भर जर्मन महोत्सव (इयर ऑफ जर्मनी) और वर्ष 2012-13 में जर्मनी में साल भर भारत महोत्सव (इयर ऑफ इंडिया)मनाया जाएगा। भारत और जर्मनी के बीच कूटनीतिक सम्बंधों के 60 साल पूरा होने के अवसर पर ये आयोजन होंगे।
गौरतलब है कि पिछले हफ्ते भारत और जर्मनी ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में वर्ष 2010-2012 के लिए अस्थाई सदस्यता हासिल की है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications