बिहार चुनाव : नेताओं ने प्रचार में ताकत झोंकी (राउंडअप)
कांग्रेस ने जहां अध्यक्ष सोनिया गांधी को चुनाव प्रचार में उतारा वहीं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने रविशंकर प्रसाद, अरुण जेटली, सुशील कुमार मोदी, राजीव प्रताप रूढ़ी, स्मृति ईरानी को चुनाव मैदान में उतारा।
इधर, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के सांसद रघुवंश प्रसाद सिंह ने कांग्रेस के साथ समर्थन के संकेत देकर चुनावी समर में बयानबाजी तेज कर दी तो जनता दल (युनाइटेड) ने सोमवार को चुनावी घोषणा पत्र जारी किया।
जद (यु) ने पार्टी ने नाराज सवर्ण समाज को साधने के लिए आर्थिक रूप से पिछड़े इस समाज के लोगों के विकास के लिए एक आयोग गठित करने का तथा न्याय के साथ विकास का वादा किया है।
घोषणा पत्र में पिछले पांच वर्ष से चल रहे न्याय के साथ विकास के वादे को आगे जारी रखने, विकास की गति को और तेज करने के साथ सभी वर्गो, धर्म के लोगों, सभी जातियों के लिए चल रही कल्याणकारी योजनाओं को जारी रखने का वादा किया गया है।
घोषणा पत्र में अल्पसंख्यकों के लिए एक स्वतंत्र आयोग गठित करने के वादे कि अलावा पुलिस के सभी रिक्त पदों को भरने का वादा निभाने की बात कही है। इसमें में निवेश को बढ़ाने तथा राज्य को बिजली के मामले में आत्मनिर्भर बनाने का वादा किया गया है।
सभी विद्यालयों में उर्दू शिक्षक नियुक्त करने का वादा किया गया है जबकि अगले पांच वर्षो में सभी कब्रिस्तानों की चाहरदीवारी बनाये जाने का वादा भी किया गया है।
इधर, राजद के वरिष्ठ नेता एवं सांसद रघुवंश प्रसाद सिंह ने सोमवार को कहा कि राजद को कांग्रेस से नाता तोड़ना एक भयंकर भूल थी। यह राजद सुप्रीमो भी मान चुके हैं। उन्होंने चुनाव के बाद सरकार बनाने के लिए कांग्रेस से भी गठजोड़ के संकेत दिए।
पटना हवाई अड्डे पर चुनाव प्रचार के लिए जाते समय पत्रकारों से उन्होंने कहा कि कांग्रेस से नाता तोड़ना राजद की एक भयंकर भूल थी। उनसे जब पत्रकारों ने पूछा कि कांग्रेस से नाता तोड़ना कितना नुकसानदेह है तो उन्होंने कहा कि यह पुरानी बात हो चुकी है यह तो राजद सुप्रीमो ने भी आठ बार कुबूल कर चुके हैं।
राजद को कम सीटें मिलने पर कांग्रेस से मदद लेने के प्रश्न पर उन्होंने मदद लेने के संकेत दिए। पूर्व केन्द्रीय मंत्री सिंह ने कहा कि ऐसे तो राजद दो-तिहाई बहुमत से विजयी होगी लेकिन अगर कम सीटें आईं तो उन्हें किसी भी धर्मनिरपेक्ष दल से मदद लेने या देने में कोई परहेज नहीं होगा।
इस बयान के बाद कांग्रेस के प्रवक्ता प्रेमचंद्र मिश्रा ने कहा कि कांग्रेस कभी भी राजद के साथ समझौता नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि इस बयान से कांग्रेस का कोई लेना देना नहीं।
इधर, भाजपा के नेता एवं मंत्री गिरीराज सिंह ने कहा कि वे लोग तो पहले ही से जानते हैं राजद और कांग्रेस के बीच मैच फिक्स है। उन्होंने कहा कि दोनों दल दिखावे के लिए एक-दूसरे पर आरोप लगा रही है।
संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा और जद (यु) के गठबंधन को अवसरवादी करार देते हुए आरोप लगाया कि राज्य में नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली सरकार के पास विकास के लिए सोच नहीं है। उन्होंने कहा कि विकास तभी होता है जब योजनाओं को लागू करने वालों की नीयत साफ हो।
बिहार के सीमांचल क्षेत्र मोतिहारी और किशनगंज में चुनावी सभा को सम्बोधित करते हुए सोनिया ने कहा कि किसी क्षेत्र का विकास तभी हो सकता है जब विकास योजनाओं को लागू करने वाले की नीयत साफ हो। उन्होंने कहा कि आज बिहार में कई चीनी मीलें बंद हैं, बिजली, सड़क की स्थिति दयनीय है। इस बीच भ्रष्टचार की कहानियां भी सुनने को मिलती हैं।
उन्होंने कहा कि केन्द्र ने बिहार सरकार को विकास के लिए करोड़ों की धनराशि मुहैया करायी लेकिन उसका सही इस्तेमाल नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार की ओर से करोड़ों-करोड़ रुपये दिये गये लेकिन सवाल है कि इसका इस्तेमाल कहां हुआ।
सोनिया ने कहा कि केन्द्र सरकार ने किशनगंज में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय की शाखा खोलने के लिए सारी औपचारिकतायें पूरी कर दी परंतु राज्य सरकार ने अब तक जमीन ही उपलब्ध नहीं करवा सकी। उन्होंने कहा कि आज राज्य में भ्रष्टाचार का बोलबाला है, इस कारण सरकार विकास में पीछे हो गई है।
इधर, राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने मधुबनी, बिस्फी, बाबूबरही, लौका सहित आठ विधानसभा क्षेत्रों का दौरा किया जबकि उनकी सहयोगी दल लोक जनशक्ति पार्टी के अध्यक्ष रामविलास पासवान ने भी छह विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव प्रचार किया। पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने भी राघोपुर में रोड शो किया।
उल्लेखनीय है कि राज्य के 243 सीट वाले विधानसभा क्षेत्रों में 21 अक्टूबर से प्रारंभ पहले चरण का चुनाव छह चरण में 20 नवंबर तक चलेगा। सभी सीटों के लिए मतों की गिनती 24 नवंबर को होगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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