जद (यु) के घोषणा पत्र में न्याय के साथ विकास का वादा (लीड-1)
पटना, 18 अक्टूबर (आईएएनएस)। बिहार विधानसभा चुनाव के लिए सतारूढ़ जनता दल (युनाइटेड) ने सोमवार को अपना चुनावी घोषणा पत्र जारी किया। पार्टी ने नाराज सवर्ण समाज को खुश करने के लिए इस समाज के आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों के विकास का वादा किया है और इसके लिए एक आयोग गठित करने की बात कही है। घोषणा पत्र में न्याय के साथ विकास का वादा किया गया है।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और जद (यु) के अध्यक्ष शरद यादव ने सोमवार को पार्टी मुख्यालय में घोषणा पत्र जारी किया।
घोषणा पत्र में पिछले पांच वर्ष से चल रहे न्याय के साथ विकास के वादे को आगे भी जारी रखने की बात कही गई है। पार्टी ने विकास की गति को ओर तेज करने का वादा करते हुए सभी वर्गो, सभी धर्मो और सभी जातियों के लिए चल रही कल्याणकारी योजनाओं को भी जारी रखने का वादा किया है।
घोषणा पत्र में कहा गया है कि पार्टी यह दावा नहीं कर रही है कि इसने पांच वर्षो में सभी कार्य पूरे कर लिए, लेकिन विकास कार्य तेज गति से चल रहे हैं।
घोषणा पत्र में सवर्ण समाज के आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों के लिए आयोग गठन करने का वादा किया गया है। सरकार आयोग के सुझावों पर अमल करेगी।
घोषणा पत्र में अल्पसंख्यकों के लिए स्वतंत्र आयोग गठन करने का वादा किया गया है। साथ ही राज्य में पुलिस के सभी रिक्त पदों को भरने का वादा निभाने की बात कही गई है। इसके अलावे राज्य खाद्य सुरक्षा योजना शुरू करने की बात भी कही गई है।
घोषणा पत्र में निवेश को बढ़ाने तथा राज्य को बिजली में आत्मनिर्भर बनाने का वादा किया गया है। साथ ही कृषि पर जोर देते हुए उपज को दोगुना करने के लिए कृषि मैप तैयार कर लेने की बात कही गई है। इसके अलावा भ्रष्टाचारियों की संपत्ति जब्त करने का वादा किया गया है और विधि व्यवस्था में सुधार के कार्य चलते रहने की बात कही गई है।
पार्टी ने सभी विद्यालयों में उर्दू शिक्षकों की नियुक्ति तथा सभी कब्रिस्तानों की चारदीवारी बनवाने जाने का वादा भी किया है।
जद (यु) ने शिक्षा, सड़क, स्वास्थ्य, पर्यटन, कला-संस्कृति का विकास करने तथा बेघरों को छत और बेरोजगारों को रोजगार देने का वादा भी किया है।
उल्लेखनीय है कि राज्य की 243 विधानसभा सीटों के लिए पहले चरण का मतदान 21 अक्टूबर से शुरू होगा। मतदान छह चरणों में होगा जो 20 नवंबर तक चलेगा। सभी सीटों के लिए मतों की गिनती 24 नवंबर को होगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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