सुनवाई के दौरान मुस्कराया कसाब
सरकारी वकील उज्वल निकम द्वारा बहस शुरू किए जाने के बाद कसाब (22) सुबह 11 बजे वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेश हुआ। वह मुस्करा रहा था, वह उबकाई ले रहा था, जम्हाई ले रहा था, सिर खुजला रहा था, अपनी वर्दी के बटन के साथ खेल रहा था, अपनी भुजाएं फैला रहा था और मृत्युदंड की सुनवाई को लेकर पूरी तरह बेखौफ था।
सुनवाई उच्च सुरक्षा वाली अदालत संख्या 49 में चल रही थी।
न्यायमूर्ति रंजना देसाई और न्यायमूर्ति आर.वी.मोरे की खण्डपीठ को संबोधित करते हुए निकम ने कसाब और उसके नौ साथियों की आतंकी कार्रवाइयों का ब्योरा प्रस्तुत किया। ये सभी पाकिस्तान से आए थे और उन्होंने मुंबई में विभिन्न स्थलों पर 26 से 29 नवम्बर, 2008 तक हमले किया था। इन हमलों में 166 लोग मारे गए थे, और लगभग 300 अन्य घायल हो गए थे। मरने वालों में 26 विदेशी नागरिक भी शामिल थे।
हमले को राज्य द्वारा प्रायोजित करार देते हुए निकम ने जोर देकर कहा कि इन हमलों को लश्कर-ए-तैयबा द्वारा पड़ोसी देश की सुरक्षा मशीनरी के सहयोग से अंजाम दिया गया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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