भारत और बांग्लादेश ने सीमा पर बाड़ लगाने का काम शुरू किया
कुछ महीने से चल रही यह कवायद भारत-बांग्लादेश सीमा समझौता 1974 के खिलाफ है। समझौता के तहत सीमा रेखा के 150 गज के क्षेत्र में किसी भी तरह का निर्माण प्रतिबंधित है।
बांग्लादेश के समाचार पत्र 'द डेली स्टार' ने सोमवार को कहा, "बाड़ लगाना दोनों देशों के लिए अनिवार्य हो गया है।"
बांग्लादेश ने भारत को दर्जनभर नए स्थानों पर बाड़ लगाने की अनुमति दी। इसके बाद भारत की ओर से हाल ही में बाड़ लगाने का कार्य शुरू कर दिया गया।
इसके बदले भारत ने बांग्लादेश को सीमा रेखा के 150 गज के दायरे में 11 स्थानों पर ढांचा तैयार करने की अनुमति दी है।
भारत की ओर से पिछले वर्ष की शुरुआत में इस पर पहल की गई थी। भारत ने सीमा रेखा के 150 गज के दायरे में 46 स्थानों पर बाड़ लगाने की जरूरत बताई थी।
बांग्लादेश की सीमा सुरक्षा प्रमुख मेजर जनरल रफीक आलम ने रविवार को समाचार पत्र को बताया था, "जिस तरह हम भारत के प्रस्ताव से सहमत हैं, भारत भी प्रत्यागामी कदम उठाते हुए बांग्लादेश को लक्ष्मीपुर में पुल के निर्माण, हीली में दीवार के विस्तार, मौलवीबाजार और भोमरा में संपर्क मार्गो के निर्माण तथा कई अन्य प्रस्तावों पर कार्य करने की अनुमति दी है।"
उन्होंने कहा, "हमारे पारस्परिक समझौते से बहुत ही सकारात्मक वातावरण बना है। दोनों देश चाहते हैं कि लम्बे अरसे से लम्बित छोटे-मोटे मुद्दों का निराकरण हो जाए।"
उल्लेखनीय है कि भारत सीमा पर इसलिए बाड़ लगाना चाहता है, ताकि मानवों, पशुओं, मादक पदार्थो एवं शस्त्रों की तस्करी रोकी जा सके। इस कारण द्विपक्षीय सम्बंधों में कड़वाहट पैदा होती रहती है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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