कराची उपचुनाव में एमक्यूएम की जीत (लीड-1)
समाचार पत्र 'डेली टाइम्स' ने खबर दी है कि एमक्यूएम के उम्मीदवार सैफुद्दीन खालिद ने प्रांतीय असेम्बली की पीएस-94 सीट जीत ली है। हालांकि चुनावी नतीजों की आधिकारिक घोषणा होनी अभी बाकी है।
गैर सरकारी रिपोर्ट के अनुसार 92,397 मत डाले गए, जिनमें से 189 को खारिज कर दिया गया। खालिद को 91,397 मत मिले, जबकि एएनपी प्रत्याशी को महज 292 मत ही मिल पाए।
ज्ञात हो कि पीएस-94 सीट, एमक्यूएम के नेता रजा हैदर की गत तीन अगस्त को हत्या के बाद रिक्त हो गई थी। एमक्यूएम ने इस हत्या के लिए अवामी नेशनल पार्टी (एएनपी) को दोषी ठहराया था। एएनपी ने इस आरोप का पुरजोर खंडन किया था। हैदर की हत्या के बाद भड़की हिंसा में 100 से ज्यादा लोग मारे गए थे।
इस बीच आंतरिक मंत्री रहमान मलिक ने अगले दौर की रणनीति वार्ता के संदर्भ में अपनी अमेरिका यात्रा की योजना रद्द कर दी और वह कराची पहुंच गए हैं।
मलिक जारी हिंसा का समाधान निकालने के लिए पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी), एमक्यूएम और एएनपी के नेताओं के साथ अलग-अलग बैठकें कर रहे हैं।
ज्ञात हो कि सिंध में पीपीपी और एमक्यूएम की गठबंधन सरकार है, जबकि एएनपी केंद्र में पीपीपी नेतृत्व वाली सरकार में शामिल है। एमक्यूएम और एएनपी कराची पर राजनीतिक नियंत्रण के लिए एक दशक से भी अधिक समय से लड़ रहे हैं और दोनों ने हाल की घटना के लिए पीपीपी सरकार को जिम्मेदार ठहराया है।
मौजूदा हिंसा, एएनपी द्वारा मतदान के ठीक एक दिन पहले उपचुनाव का बहिष्कार किए जाने के बाद भड़की है।
सिंध के गवर्नर इशरत-उल-इबाद रविवार रात ही राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी को अपना इस्तीफा सौंपने इस्लामाबाद पहुंच गए थे। इशरत-उल-इबाद एमक्यूएम थिंक टैंक के हिस्सा हैं। लेकिन राष्ट्रपति ने उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया और रहमान मलिक को संकट के समाधान की जिम्मेदारी सौंप दी।
सिंध के मुख्यमंत्री कईम अली शाह के साथ बैठक के पूर्व मलिक ने कहा, "हम किसी को भी कराची की शांति में खलल डालने की अनुमति नहीं देंगे।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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