मिस्त्री की पुस्तक थोपी नहीं जा सकती : आदित्य ठाकरे
हरीश सी. मेनन
मुम्बई, 18 अक्टूबर (आईएएनएस)। महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ी भूमिका निभाने की तैयारी कर रहे शिवसेना के युवा नेता आदित्य ठाकरे ने कहा है कि रोहिंटन मिस्त्री की पुस्तक 'सच ए लांग जर्नी' के बाजारों में बिकने पर ऐतराज नहीं है लेकिन इसे मुम्बई विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम में जगह नहीं दी जा सकती।
आदित्य 20 साल के हैं और सेंट जेवियर्स कॉलेज के छात्र हैं। उनका कहना है कि शिवसेना प्रमुख और उनके दादा बाल ठाकरे आधुनिक भारत के उनके सबसे बड़े आदर्श हैं।
उन्होंने आईएएनएस को दिए साक्षात्कार में कहा, "इस पुस्तक के बाजार में उपलब्ध रहने पर कोई ऐतराज नहीं है। परंतु यह हम पर थोपी जा रही थी। हम इसे स्वीकार नहीं कर सकते।"
शिवसेना की छात्र शाखा के विरोध के बाद मिस्त्री की इस पुस्तक मुम्बई विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम से हटा लिया गया था। आदित्य ने कहा, "नीति की आलोचना उचित है और हमें स्वीकार भी है। परंतु ऐसी पुस्तक हमारे पाठ्यक्रम का हिस्सा बन जाए, जिसे पचा पाना हमारे लिए असंभव है।"
उन्होंने कहा, "इस पुस्तक में मुम्बई की कई चीजों के बारे में गलत भाषा का इस्तेमाल किया गया है। हम इसे पाठ्यक्रम में शामिल करने के हम खिलाफ हैं। आश्चर्य की बात है कि यह बीते तीन वर्षो से विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम का हिस्सा थी।"
बाल ठाकरे ने रविवार को मुम्बई के शिवाजी पार्क में आयोजित जनसभा में आदित्य का औपचारिक रूप से 'राजनीतिक अभिषेक' किया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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