दशहरा रैली में गरजे बाल ठाकरे
ठाकरे के ठीक पीछे उनके बेटे और पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे थे।
बाल ठाकरे और उद्धव ने केंद्र एवं राज्य सरकारों पर निशाना साधा। उन्होंने कांग्रेस पार्टी तथा सोनिया गांधी से लेकर राहुल गांधी व अशोक चव्हण से लेकर नारायण राणे जैसे कांग्रेसी नेताओं पर जम कर हमला किया।
आश्चर्यजनक रूप से स्वस्थ दिख रहे ठाकरे ने भरोसा दिलाया कि वह बहुत अच्छे हैं, यद्यपि उन्होंने कई बार सांस में तकलीफ महसूस की। इसके पहले उद्धव ने कहा कि शिव सैनिक उनके पिता के लिए टानिक की तरह हैं, जो हमेशा उन्हें तरोताजा करते रहते हैं।
बाल ठाकरे गरजे और तालियों की गड़गड़ाहट शुरू हो गई। उन्होंने कहा, "कोई गलती मत करो, शिव सेना हर व्यक्ति को एक कड़ी चुनौती देगी और हम घुटने नहीं टेकेंगे। हमारी आवाज दबाई नहीं जा सकती, 50-डेसिबल ध्वनि की सीमा भी नहीं। यह केवल पुरुषों की भीड़ नहीं है, बल्कि यह बहादुर शिव सैनिकों की भीड़ है।"
अपनी पारंपरिक शैली में ठाकरे ने हर किसी की खर ली। शुरुआत भतीजे राज ठाकरे से की, लेकिन उनका नाम नहीं लिया। ठाकरे ने सवाल किया, "उन्होंने मेरी शैली को चुरा लिया है। शैली अच्छी है, लेकिन विचार कैसा है?"
हिंदू आतंकियों पर केंद्रीय गृह मंत्री पी.चिदम्बरम के हाल के बयान का जिक्र करते हुए ठाकरे ने कहा कि "वह भगवा आतंकियों को देख सकते हैं, लेकिन हरे आतंकियों को और नक्सलियों को नहीं देख सकते, जो कि नियमित रूप से देश में हमले कर रहे हैं।"
विभिन्न मुद्दों पर केंद्र सरकार को आड़े हाथों लेते हुए ठाकरे ने कहा कि देश पर हिजड़ों का शासन है। दिवंगत पंडित नेहरू ने देश को बर्बाद कर डाला।
ठाकरे ने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों के साथ छेड़छाड़ कर सत्ता में आई। राहुल गांधी का जिक्र करते हुए ठाकरे ने सीधे घोषणा कर डाली कि उनके भीतर नेतृत्व के गुण नहीं हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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