बांग्लादेश में दुर्गापूजा उत्सव के दौरान कई जगह हिंसा
ढाका, 17 अक्टूबर (आईएएनएस)। बांग्लादेश के विभिन्न भागों में नशे में धुत्त लोगों और पुलिसकर्मियों ने दुर्गापूजा मना रहे श्रद्धालुओं पर हमले किए जिसके बाद कई जगहों पर हिंसा भड़क गई। इस बीच प्रधानमंत्री शेख हसीना ने देश में धर्मनिर्पेक्षता को बरकरार रखते हुए शांति बनाए रखने की अपील की है।
देश के विभिन्न भागों से रह रहे हिन्दु समुदाय के लोगों में इस पर्व पर खासा उत्साह होता है। इस बार कुछ असामाजिक तत्वों ने दुर्गापूजा पांडालों पर हमले किए जिससे कई जगहों पर हिंसा भड़क गई। कई जगहों पर पुलिसकर्मियों द्वारा भी पूजा मंडपों को निशाना बनाने की खबर है।
वेबसाइट 'बीडीन्यूज24 डॉट काम' के मुताबिक पूजा पंडालों पर हमले और पुलिस के निष्पक्ष न रहने की खबरें सामने आने के बाद प्रशासन ने पुलिसकर्मियों को वहां से हटा लिया और एक थाने को फिलहाल बंद कर दिया।
ढाका के बाहरी इलाके में तोड़फोड़ के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया और तानबाजार इलाके में पूजा पंडालों में लूटपाट और हमले की घटनाएं भी हुईं।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक नशे में धुत्त 15 लोगों ने श्रद्धालुओं पर हमला कर दिया जिसमें कम से कम 10 लोग घायल हो गए। श्रद्धालु मीनाबाजार इलाके में बने पूजा पंडालों में उत्सव की खुशी मना रहे थे।
उधर, बांग्लादेश के पूर्वोत्तर इलाके सूनामगंज के ताहिरपुर उपाजिला इलाके में स्थित एक मंदिर में श्रद्धालुओं पर हमला करने के कारण छह पुलिसकर्मियों और एक उप निरीक्षक को वहां से हटा लिया गया।
शेरपुर सदर पुलिस स्टेशन के एक उप निरीक्षक को पुलिस स्टेशन से हटाकर पुलिस लाइन भेज दिया गया है।
कार्यकारी पुलिस अधीक्षक (शेरपुर) मोहम्मद अनीसूर रहमान ने कहा कि उप निरीक्षक बदरुजमान के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
हसीना ने हालंकि धर्मनिर्पेक्षता पर बल देते हुए कहा कि उनका देश 'गैर सांप्रदायिक देश' है। उन्होंने कहा कि देशभर में 27,000 से अधिक दुर्गापूजा पंडाल बनाए गए हैं जो अभी तक सबसे अधिक है।
उन्होंने कहा, "धर्मनिर्पेक्षता देश के संविधान के चार स्तंभों में से एक है और यदि कोई व्यक्ति अपने मजहब के अनुसार नहंी रह सकता है तो इसका कोई मतलब नहीं है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications