श्रीनगर में स्थिति सामान्य, बाजारों में रौनक
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, "घाटी में किसी भी जगह रविवार को कर्फ्यू नहीं लगाया गया। सिर्फ बारामूला जिले के पाट्टन और देलिना शहरों में प्रतिबंध लगाए गए हैं।"
हुर्रियत कांफ्रेंस के कट्टरपंथी धड़े के प्रमुख सैयद अली शाह गिलानी ने भी लोगों से रोजमर्रा की गतिविधियों में जुटने को कहा है। गिलानी की ओर से अगले 10 दिनों के विरोध प्रदर्शनों के कार्यक्रम से सम्बद्ध कैलेंडर रविवार से ही प्रभावी हुआ है।
गिलानी के कैलेंडर में शनिवार को सामान्य स्थिति बनाए रखने को कहा गया था।
शम्सुद्दीन नाम के एक 54 वर्षीय सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारी ने कहा, "पिछले कुछ महीनों से याद नहीं आता कि कोई दो दिन अलगाववादियों के विरोध प्रदर्शनों के आह्वान और कर्फ्यू के बगैर गुजरे हों।"
श्रीनगर में लगने वाले 'संडे मार्केट' में रविवार को काफी भीड़ देखी गई। यह बाजार सप्ताह में एक ही बार लगता है और इसमें दुकानदार इतना कमाने की कोशिश करता है जो उसके परिवार के सात दिन के गुजर-बसर के लिए पर्याप्त हो।
पिछले चार महीनों से जारी विरोध प्रदर्शनों के दौर की वजह से दुकानदारों को खासी दिक्कत हो रही है। फारुख अहमद नाम के एक दुकानदार ने बताया, "पिछले चार महीनों में मैंने बहुत ज्यादा भुगता है। अपने परिवार को भुखमरी से बचाने के लिए मैंने जो प्रयास किए उन्हें शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता।"
अहमद ने बताया कि इस अर्से में उसने चार दिन से ज्यादा काम नहीं किया। कश्मीर में गत 11जून से जारी हिंसा में अब तक करीब 110 लोग मारे जा चुके हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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