हेडली की दूसरी बीवी ने भी किया था आगाह
वाशिंगटन, 17 अक्टूबर (आईएएनएस)। मुंबई को दहलाने की साजिश के सूत्रधार डेविड कोलमैन हेडली की दूसरी बीवी ने भी अमेरिकी अधिकारियों को हेडली के भारत जाने और उसके आतंकवादी षड्यंत्र को लेकर आगाह किया था। परंतु उसकी इस गम्भीर चेतावनी को अमेरिकी अधिकारियों ने नजरअंदाज कर दिया।
नया खुलासा हेडली की दूसरी बीवी फाइजा औतल्हा की ओर से किया गया है। फाइजा मोरक्को मूल की नागरिक है। इससे पहले हेडली की एक अमेरिकी पत्नी ने भी दावा किया था कि उसका पति पाकिस्तान में सक्रिय आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का सदस्य था और पाकिस्तान की एक प्रमुख खुफिया एजेंसी का उसे संरक्षण प्राप्त था। हेडली ने तीन शादियां कर रखी हैं।
दोनों पत्नियों की ओर से चेतवानी मिलने के बाद भी अमेरिकी अधिकारियों ने कोई कदम नहीं उठाया। इसका नतीजा रहा कि पाकिस्तानी मूल का आतंकवादी हेडली वर्ष 2002 से 2009 के बीच शिकागो से पाकिस्तान के बीच अपने नेटवर्क को मजबूत करता रहा और मुम्बई को दहलाने की साजिश रचता रहा।
स्थानीय समाचार पत्र 'न्यूयार्क टाइम्स' के अनुसार फाइजा ने दावा किया है कि उसने अपने और हेडली के मुम्बई के ताज होटल में ठहरने की एक तस्वीर अमेरिकी दूतावास के अधिकारियों को दिखाई थी। हेडली और फाइजा अप्रैल से मई 2007 के बीच ताज होटल में दो बार ठहरे थे।
हेडली 50 साल का है जबकि फाइजा 27 साल की है। फाइजा का कहना है कि वह इस्लामाबाद में अमेरिकी दूतावास के अधिकारियों से दो बार मिली थी। इस दौरान उसने अमेरिकी अधिकारियों से कहा था कि हेडली और उसके कुछ दोस्त लश्कर के सदस्य हैं। फाइजा ने यह भी बताया था कि हेडली और उसके दोस्त भारत विरोधी साजिश रच रहे हैं। चौंकाने वाली बात है कि इन सबके बावजूद हेडली बार-बार भारत आता-जाता रहा।
फाइजा ने यह दावा किया है कि हेडली हर समय अलग-अलग पहचान बताता था। पाकिस्तान में रहने पर वह खुद को एक पक्का मुसलमान बताता था और सभी से बतौर दाऊद मिलता था। इसके बाद जब वह भारत जाता था तो वहां खुद को अमेरिकी नागरिक बताकर डेविड हेडली के रूप में लोगों से मिलता था।
फाइजा ने कहा, "मैंने अमेरिकी अधिकारियों को बताया था कि वह (हेडली) आतंकवादी है या फिर आप लोगों के लिए काम कर रहा है। परंतु उन्होंने अप्रत्यक्ष रूप से मुझे चले जाने के लिए कहा।"
उधर, हेडली की दोनों पत्नियों के इन खुलासों के बाद अमेरिकी सरकार ने स्पष्ट किया है कि मुम्बई हमले से पहले जो कुछ भी जानकारी उसके पास थी, उससे भारतीय अधिकारियों को अवगत कराया गया था। राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रवक्ता माइक हैमर ने कहा, "मुम्बई हमले के बारे में अगर हमारे कोई जानकारी मिली थी तो हमने उसे तत्काल भारत को दिया होगा।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
*


Click it and Unblock the Notifications