उमर अब्दुला का हटना राष्ट्रहित में होगा: आडवाणी
आडवाणी ने अपने ब्लॉग पर उमर की उनके कश्मीर से जुड़े विवादास्पद बयान के लिए जमकर खिंचाई की है। पिछले दिनों राज्य विधानसभा में उमर ने कहा था कि जम्मू एवं कश्मीर का भारत में विलय नहीं हुआ था बल्कि एक समझौते के तहत इसे सम्मिलित किया गया था। आडवाणी ने उमर के इस बयान को अक्षम्य करार दिया।
उमर के बयान के बाद राज्य विधानसभा में जमकर हंगामा हुआ था और भाजपा व राज्य के कुछ अन्य दलों ने भी उमर के इस्तीफे की मांग की थी। आडवाणी ने कहा, "हाल के दिनों तक उमर के इस्तीफे की मांग इस आधार पर की जा रही थी कि वह घाटी में पथराव करने वालों द्वारा उत्पन्न की गई स्थिति से निपटने में विफल रहे हैं। परंतु उनके ताजा बयान से स्पष्ट है कि वह न सिर्फ प्रशासनिक रूप से विफल रहे हैं बल्कि जम्मू एवं कश्मीर की दृष्टि से उनका रुख पूरी तरह से राष्ट्र भावना के प्रतिकूल रहा है। ऐसे में उनका जल्द से जल्द पद छोड़ना न सिर्फ जम्मू एवं कश्मीर बल्कि देश के भी हित में रहेगा।"
इसके साथ ही आडवाणी ने यह भी दोहराया कि कश्मीर भारत का अभिन्न था और आगे भी रहेगा। उन्होंने कहा, "बीते 60 वर्षो से सिर्फ भाजपा ही नहीं, बल्कि देश का हर नेता यह कहता रहा है कि जम्मू एवं कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है। पंडित जवाहरलाल नेहरू से लेकर इंदिरा गांधी और हमारे मौजूदा विदेश मंत्री भी यह बात दोहरा चुके हैं।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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