सिंध में हिंदू बच्चों के अपहरण की घटनाएं बढ़ी
इस्लामाबाद, 17 अक्टूबर (आईएएनएस)। पाकिस्तान में सिंध प्रांत के दूरदराज इलाकों में रहने वाले कई हिन्दू परिवार बच्चों के अगवा होने की घटनाओं से परेशान होकर नए स्थानों का रुख करने की योजना बना रहे हैं।
पुलिस ने 35 दिनों पहले अगवा हुए पांच वर्षीय बच्चे धीरज कुमार को हाल ही में अपहरणकर्ताओं के चंगुल से मुक्त करवाया था। अपहर्ताओं ने एक करोड़ रुपये की फिरौती मांगी थी। पुलिस ने इन सभी को गिरफ्तार कर लिया था।
बच्चे के सुरक्षित लौट आने की खुशी तो परिजनों के चहरे पर दिख रही है लेकिन उन्होंने कंधकोट को छोड़ कहीं अन्यत्र जाने का फैसला कर लिया है। वे यहां पर कई पीढ़ियों से रह रहे थे।
स्थानीय समाचार पत्र 'डेली एक्सप्रेस ट्रिब्यून' के मुताबिक धीरज अकेला ऐसा भुक्तभोगी नहीं है बल्कि वह पहला ऐसा अपहृत बच्चा है जिसे फिरौती दिए बिना ही छुड़या गया है।
इस वर्ष के शुरुआत से ही कम से कम आठ बच्चों का अपहरण हो चुका है और उन सबकी सुरक्षित रिहाई तभी संभव हो पाई जब उनके परिजनों ने अपराधियों को फिरौती की रकम अदा की।
क्षेत्र में रह रहे हिन्दुओं के मुताबिक पीर चंद (4) को दो लाख रुपये की फिरौती देकर छुड़ाया गया तो पीयूष कुमार (5) को मुक्त कराने के लिए उसके परिजनों को 330,000 रुपये देने पड़े। सागर कुमार के परिजनों को 170,000, विराज कुमार को 350,000 और माहिक कुमारी को एक लाख रुपये देकर अपहणकर्ताओं के चंगुल से रिहा कराया गया।
ये ऐसे मामले हैं जिनकी शिकायत पुलिस के पास दर्ज कराई गई थी। ऐसा माना जा रहा कि ऐसे कई और मामले होंगे जिनकी शिकायत नहीं की गई होगी।
धीरज के चाचा उदय चंद ने कहा, "धीरज को ईद के दिन ही हमारे सामने से ही उठा लिया गया था।"
ज्ञानचंद कहते हैं, "मैं कराची जाऊंगा और वहां छोले-चने बेचूंगा। अब मैं यहां नहीं रुक सकता।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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