राष्ट्रमंडल खेलों ने बदला दिल्ली का व्यवहार : चिदम्बरम
चिदम्बरम ने यहां कहा, "मुझे तसल्ली है कि किसी को भी सुरक्षा के मामले में कुछ भी नकरात्मक नहीं लगा। लोग यह समझ गए हैं कि आधुनिक शहर के लिए कड़े सुरक्षा प्रबंध अनिवार्य हैं। दिल्ली बदल गई है और यह बदलाव बेहतरी के लिए है।"
चिदम्बरम नागालैंड पुलिस की एकमात्र महिला बटालियन को सम्बोधित कर रहे थे जिसे तीन से 14 अक्टूबर तक चले इस भव्य आयोजन के दौरान तैनात किया गया था।
उन्होंने भरोसा जताया कि सुरक्षा उपायों के प्रति आया उल्लेखनीय बदलाव अस्थायी बदलाव नहीं साबित होगा। चिदम्बरम ने कहा, "यह हमेशा बने रहना चाहिए। दिल्ली वासियों को नियमों का पालन करना और लेन में वाहन चलाना भी अवश्य सीखना चाहिए। लोगों को पुलिसकर्मियों और महिला पुलिसकर्मियों का सम्मान करना सीखना चाहिए।"
गृहमंत्री ने खेल आयोजन के दौरान विलक्षण सेवाएं मुहैया कराने के लिए दिल्ली पुलिस, अर्ध सैनिक बलों और विभिन्न राज्यों से आए पुलिसकर्मियों का प्रशंसा की।
उन्होंने कहा, "पुलिसकर्मियों और महिला पुलिसकर्मियों द्वारा लगाए गए समय की भरपाई नहीं हो सकती। वे 12-14 घंटे सड़कों पर खड़े रहे और यह आसान नहीं था।" उन्होंने यह भी माना कि पुलिस के व्यवहार में भी काफी बदलाव आया है।
चिदम्बरम ने कहा, "वे ज्यादा विनम्र हुए हैं और अपना काम मुस्कुराहट के साथ करते हैं। इसमें बदलाव नहीं आना चाहिए।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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