बिहार चुनाव : प्रचार में कूदे दलों के दिग्गज (राउंडअप)
पटना, 16 अक्टूूबर (आईएएनएस)। बिहार विधानसभा चुनाव के प्रथम चरण के लिए प्रचार अब जोर पकड़ लिया है। पार्टियों के दिग्गज नेता चुनाव प्रचार में कूद पड़े हैं। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने शनिवार को कांग्रेस के लिए प्रचार किया, तो वहीं राज्य में सत्ताधारी राजग (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, भाजपा (भारतीय जनता पार्टी) नेता अरूण जेटली, नवजोत सिंह सिद्धू तथा स्मृति ईरानी ने वोट मांगा।
बिहार में अररिया जिले के नरपतगंज में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए मनमोहन सिंह ने कहा कि बिहार को केन्द्र सरकार ने प्रत्येक वर्ष 1000 करोड़ रुपये की राशि भेजी है, परंतु राज्य सरकार की लापरवाही के कारण इसका सदुपयोग नहीं हुआ। पिछले छह वर्षो में बिहार को 6,000 करोड़ रुपये की राशि विकास के लिए भेजी गई। उन्होंने कहा कि केन्द्र की योजनाओं को राज्य सरकार सही ढंग से लागू नहीं करती।
सिंह ने कहा कि केन्द्र ने आज महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार योजना (नरेगा), राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना, शिक्षा का अधिकार, सूचना का अधिकार जैसी योजनाएं शुरू कर रखी हैं। इन योजनाओं के तहत आम लोगों को शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य की सुविधा देने की कोशिशें की गईं, परंतु आज भी बिहार पिछड़ा हुआ है। यहां के लोगों को रोजगार के लिए पलायन करना पड़ रहा है।
प्रधानमंत्री ने जनता दल (युनाइटेड) का नाम लिए बगैर ही कहा कि आज कई दल अपने आप को धर्मनिरपेक्ष होने का दावा कर रहे हैं, लेकिन धर्म के नाम पर राजनीति करने वालों या धर्म के नाम पर बांटने वालों का सता के लिए सहयोग ले रहे हैं।
सिंह ने कहा कि कांग्रेस ही एक ऐसी पार्टी है, जो सभी जातियों, वगरें, गरीबों, पिछड़ों, अल्पसंख्यकों के लिए विशेष प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि केन्द्र ने कई ऐसी योजनाएं शुरू की है, जिसका लाभ अन्य राज्य के लोग तो उठा रहे हैं, परंतु बिहार सरकार की लापरवाही के कारण यहां के लोग उन योजनाओं का लाभ नहीं ले पा रहे हैं।
कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी ने भी गुरुवार को अररिया जिले में एक जनसभा को संबोधित किया था।
इस बीच बिहार के मुख्यंत्री एवं जद (यू) के वरिष्ठ नेता नीतीश कुमार ने कहा कि दिल्ली के नेता बिहार आकर झूठ बोल रहे हैं। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार ने बिहार को जो धनराशि दी है, वह केन्द्र की कोई मेहरबानी नहीं है। उन्होंने कहा कि विशेष राज्य का दर्जा बिहारियों का हक है, परंतु बिहार को वह दर्जा नहीं दिया गया।
नीतीश ने समस्तीपुर जिले के कल्याणपुर, मोरवा, उजियारपुर तथा दरभंगा के जाले और केवटी में कई चुनावी सभाओं को संबोधित किया। इन सभाओं में नीतीश ने सवाल किया कि आखिर केन्द्र सरकार ने अन्य राज्यों से अलग बिहार को क्या दिया? नीतीश ने कहा कि यदि केंद्र सरकार ने बिहार को भी अन्य राज्यों के जितना ही दिया तो इसमें उसकी क्या मेहरबानी है।
उन्होंने मतदाताओं से राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के प्रत्याशी को वोट देने की अपील की।
नीतीश ने कहा कि कांग्रेस के नेताओं को झूठी बातें प्रचारित करने की आदत है। उन्होंने प्रधानमंत्री को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि बिहार के सर्वदलीय समिति ने प्रधानमंत्री से मिलने का समय मांगा था, लेकिन उन्होंने समय नहीं दिया। पिछले पांच वर्षो में कई बार प्रधानमंत्री को बिहार आने का निमंत्रण दिया गया, परंतु वे नहीं आए। आज जब चुनाव का समय आया है तो उन्हें बिहार की सुध आई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार के लोग जागरूक हैं। बिहार का इतिहास भारत का इतिहास है।
नीतीश ने कहा कि राज्य में चालीस वर्षो तक कांग्रेस का राज रहा और फिर पति-पत्नी का राज रहा। उन्होंने कहा कि जब बिहार के लोग ऐसी सरकार को इतना समय दे सकते हैं तो क्या विकास करने वाली सरकार को और पांच वर्ष का समय नहीं देंगे।
भाजपा के अरूण जेटली ने मुजफ्फरपुर में तो सिद्घू ने राजनगर, मधुबनी और मुजफ्फरपुर में प्रचार किया। भाजपा की महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष स्मृति ईरानी ने प्रदेश भाजपा अध्यक्ष, सी़ पी़ ठाकुर के साथ फारबिसगंज, कदवा, पूर्णिया सहित कई जगहों पर चुनावी सभाओं को संबोधित किया।
राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद ने अमनौर, अररिया, वायसी, कदवा, प्राणपुर विधानसभा क्षेत्रों में राजद और लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के लिए वोट मांगा।
इधर, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) ने मुंगेर तथा जमुई जिले के कई क्षेत्रों में पोस्टर चिपकाकर विधानसभा चुनाव के बहिष्कार की घोषणा की है।
पुलिस के अनुसार खड़गपुर, गंगटामोड़ तथा भीमबांध के जंगली क्षेत्रों में शुक्रवार देर रात कई स्थानों पर पोस्टर चिपकाकर मतदान के बहिष्कार की घोषणा की गई है।
खड़गपुर अनुमंडल के एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने ऐसे पोस्टरों को उखाड़कर जब्त कर लिया है।
उल्लेखनीय है कि बिहार विधानसभा की 243 सीटों के लिए छह चरणों में 21 अक्टूबर से 20 नवंबर तक मतदान होने हैं। सभी सीटों के लिए मतगणना 24 नवंबर को होगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications