न्यायमूर्ति भंडारी चाहते हैं कॉपी राइट विधेयक में बदलाव
उन्होंने कहा, "कॉपी राइट विधेयक को और अधिक संतुलित बनाने की जरूरत है, ताकि साझेदारों और लेखकों को बराबर हिस्सा दिया जा सके।"
'कन्टेंट इन ट्रांसलेशन रेगुलेटरी एंड इकोनॉमिक पर्सपेक्टिव' विषय पर विमर्श में विचार रखते हुए न्यायमूर्ति भंडारी ने कहा, "मूल कार्य का अनधिकृत उपयोग बंद किया जाना चाहिए, क्योंकि यदि इसे कानून के दायरे में नहीं लाया गया तो आधुनिक तकनीक तबाही मचा सकती है। मूल कार्य को महत्व देना आवश्यक है।"
उन्होंने कहा, "इस विधेयक को बॉलीवुड पर केंद्रित करने के साथ हमें सभी लेखकों और अन्य राज्यों के रचनाकारों पर भी विचार करने की जरूरत है।"
कॉपी राइट अनुसंधान संगठन द्वारा आयोजित इस संगोष्ठी में विधेयक के अनुपालन एवं बुद्धिजीवियों के सम्पत्ति अधिकार का संरक्षण तथा निवेशकों और प्रस्तुतकर्ताओं के बीच भाईचारा पैदा करने पर जोर दिया गया।
अतिरिक्त सॉलिसीटर जनरल पराग त्रिपाठी ने कहा, "विधेयक में तीनों पक्षों-लेखक, प्रस्तुतकर्ता और पाठक या दर्शक की राय पर विचार किया जाना चाहिए।"
संगोष्ठी का आयोजन संगठन द्वारा बुद्धिजीवियों के सम्पत्ति अधिकार के बारे में चलाए जा रहे जागरूकता अभियान के तहत किया गया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications