बिहार को विशेष राज्य का दर्जा बिहारियों का हक : नीतीश
चुनावी प्रचार के दौरान नीतीश ने समस्तीपुर जिले के कल्याणपुर, मोरवा, उजियारपुर तथा दरभंगा के जाले और केवटी में कई जनसभाओं को संबोधित किया। उन्होंने केंद्र सरकार को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि आखिर केंद्र ने अन्य राज्यों से अलग बिहार को क्या दिया और अगर जो अन्य राज्य को दिया, वही बिहार को भी दिया तो यह कोई मेहरबानी नहीं है। बिहार को जो मिला वह इसका वाजिब हक था।
नीतीश ने मतदाताओं से राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के प्रत्याशियों को वोट देने की अपील की।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेताओं को झूठी बातें प्रचारित करने की आदत है। उन्होंने प्रधानमंत्री पर भी आक्षेप करते हुए कहा, "बिहार की सर्वदलीय समिति के सदस्यों के साथ मैंने प्रधानमंत्री से मिलने का समय मांगा था, लेकिन उन्होंने समय नहीं दिया। पिछले पांच वर्षो में कई बार प्रधानमंत्री को बिहार आने का निमंत्रण दिया गया, लेकिन वह नहीं आए। आज जब चुनाव का समय आया तो वह बिहार आ गए।"
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार के लोग जगरूक हैं, वे सब कुछ समझते हैं। उन्होंने विरोधियों पर निशाना साधते हुए कहा कि बिहार में 40 वर्षो तक कांग्रेस का शासन रहा और फिर 10 साल 'पति-पत्नी' का राज रहा। उन्होंने कहा कि जब बिहार के लोग इन सरकारों को इतना समय दे सकते हैं तो राज्य का विकास करने वाली सरकार को और पांच वर्ष का समय देना चाहिए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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