मैसूर में रविवार को निकलेगा हाथियों का जुलूस
शहर में चार किलोमीटर तक निकाले जाने वाले जुलूस में 12 सुसज्जित हाथियों का शामिल किया जाएगा। इस जुलूस का नेतृत्व 2.7 मीटर लंबा और 4,900 किलोग्राम का दांतयुक्त हाथी 'बलराम करेगा।
बलराम हाथी की पीठ पर देवी चामुंडेश्वरी की मूर्ति ले जाने के लिए स्वर्ण से बने 750 किलोग्राम का 'हौदा' रखा जाएगा। इस 'हौदे' में देवी की मूर्ति रखकर जुलूस निकाली जाएगी।
चामुंडेश्वरी देवी मैसूर की अधिष्ठात्री देवी कही जाती हैं। दशहरा के मौके पर इनकी पूजा की परंपरा सैकड़ों वर्ष पुरानी है। इस पूजा की शुरुआत विजयनगर साम्राज्य के शासकों ने की। जिसे बाद में मैसूर के राजाओं ने जारी रखा।
स्वतंत्रता के पश्चात हालांकि, इस पूजा का स्वरूप बदल गया है, फिर भी महल को 100,000 बल्बों की सहायता से जगमग कर दिया जाता है। इस दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों के भी आयोजन होते हैं।
मुख्यमंत्री बी.एस. येदियुरप्पा रविवार दोपहर बाद 'जंबू सवारी' जुलूस को झंडी दिखाकर रवाना करेंगे, जबकि राज्यपाल हंसराज भारद्वाज शाम 6.30 बजे 'मशाल परेड' का उद्घाटन करेंगे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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