नक्सल प्रभावित इलाके में दुर्गा पूजा की धूम
पिछले साल हुए नक्सली हमलों और उनके ठिकानों के खिलाफ संयुक्त सुरक्षा बलों के चलाए गए अभियान के चलते कई ग्रामीणों को अपना घर छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा था।
इसकी वजह से कई समुदायों ने दुर्गा पूजा का आयोजन नहीं किया था। अगर कहीं आयोजन किए भी गए थे तो बड़े सामान्य तरीके से।
इलाके में संयुक्त सुरक्षा बलों का दबदबा बढ़ने के कारण इस समय नक्सली गतिविधियों में कमी आई है। लिहाजा पांच दिन तक चलने वाले दुर्गा पूजा समारोह में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में लोग घर लौटे हैं।
नक्सल प्रभावित लालगढ़ इलाके में धरमपुर गांव के रहने वाले एक ग्रामीण ने बताया, "पिछले साल हिंसा और अनिश्चिता के चलते अधिकतर दुर्गा पूजा समारोह आयोजित नहीं किए गए थे। लेकिन इस साल कम से कम 15 जगहों पर पूजा समारोह का आयोजन किया गया है, जहां लोग मां दुर्गा की पूजा अर्चना कर रहे हैं।"
ग्रामीण ने बताया, "हम लोगों ने इस इलाके में धरमपुर गांव में सबसे बड़ा दुर्गा पूजा समारोह आयोजित किया है।"
पिछले साल दुर्गा पूजा समारोह आयोजित नहीं किया गया था क्योंकि मुख्य आयोजनकर्ता व मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के क्षेत्रीय सचिव अनुज पाण्डेय को घर छोड़कर भागना पड़ा था। नक्सलियों ने उनके घर में तोड़फोड़ करने के बाद में आग लगा दी थी।
ग्रामीण ने बताया, "पाण्डेय इस वर्ष अपने घर लौट आए हैं और फिर से हम लोगों ने बड़े स्तर पर दुर्गा पूजा समारोह का आयोजन किया है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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