मक्का मस्जिद विस्फोट के बाद पुलिस गोलीबारी पर रिपोर्ट सौंपी गई
न्यायमूर्ति वी.भास्कर राव ने मुख्यमंत्री के.रोसैया से यहां उनके कार्यालय में मुलाकात की और अपनी रिपोर्ट उन्हें सौंप दी।
रिपोर्ट की सामग्री और आयोग की सिफारिशों को सार्वजनिक नहीं किया गया है।
राज्य सरकार ने इस घटना की जांच के लिए दो जुलाई, 2007 को एक सदस्यीय जांच आयोग की नियुक्ति की थी। आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश, न्यायमूर्ति वी.भास्कर राव को इस घटना की जांच करने की जिम्मेदारी दी गई।
ज्ञात हो कि 17वीं सदी की मक्का मस्जिद में विस्फोट के बाद वहां एक भीड़ पर पुलिस द्वारा की गई गोलीबारी में पांच लोग मारे गए थे और कई सारे घायल हो गए थे।
यह घटना जुमे की नमाज के दौरान हुए बम विस्फोट के कुछ घंटों बाद घटी थी। ऐतिहासिक चारमीनार के पास स्थित मक्का मस्जिद में हुए विस्फोट में नौ लोग मारे गए थे।
मुस्लिम संगठनों ने आरोप लगाया था कि पुलिस ने अकारण गोली चलाई। इन आरोपों के बाद सरकार ने जांच आयोग की नियुक्ति की।
प्रारंभ में पुलिस ने बांग्लादेश स्थित हरकतउल जिहाद-ए-इस्लामी (हुजी) को इस विस्फोट के लिए जिम्मेदार ठहराया था और कुछ स्थानीय मुस्लिम युवकों को हिरासत में लिया था, जिन्हें बाद में अदालत ने बरी कर दिया।
इस घटना की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा की गई जांच ने इस वर्ष मई महीने में नया मोड़ ले लिया। सीबीआई ने पाया कि अजमेर दरगाह विस्फोट में शामिल रहे हिंदू चरमपंथी संगठन ही मक्का मस्जिद विस्फोट के लिए जिम्मेदार थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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