आगरा में मनाई गई अकबर की 468वीं जयंती

इस अवसर पर प्रसिद्ध इतिहासकार रमेश चंद्र शर्मा ने कहा, "शाहजहां ने अपनी ताजपोशी के समय आगरा का नाम बदलकर अकबराबाद कर दिया। लेकिन थोड़े समय बाद इसका नाम फिर से आगरा हो गया। यहां सिकंदरा, फतेहपुर सिकरी और आगरा किला जैसे शानदार भवन हैं, फिर भी शाहजहां की तुलना में अकबर की यहां लोकप्रियता नहीं है।"

उन्होंने ने यह भी बताया कि बादशाह अकबर के धार्मिक विचार 'दीन ए इलाही' और 'सुलह कुल' वर्तमान समय में काफी प्रासंगिक हैं।

इतिहासकार तरूण शर्मा ने कहा कि अकबर की शासन प्रणाली, सभी वर्गो के साथ मिलजुलकर रहने वाले विचार और सामाजिक संस्कृति को एक समृद्ध विरासत के रूप में देखा जाना चाहिए।

'उमंग' की अध्यक्ष रेखा पचौरी ने कहा कि सिकंदरा स्थित अकबर की मजार और आगरा किला को संरक्षण की जरूरत है। केंद्रीय हिंदी संस्थान के रजिस्ट्रार चंद्र कांत त्रिपाठी ने कहा कि समाज के सभी वर्गो को एक साथ लेकर चलने में अकबर की नीतियां काफी महत्वपूर्ण हैं।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+