सर्वोच्च न्यायालय जाएगा ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड
यह घोषणा बोर्ड की 51 सदस्यीय कार्यकारिणी की शनिवार को दारूल-उलम, नवा-तुल-उलेमा, जिसे नदवा के नाम से जाना जाता है, में हुई बैठक के बाद की गई।
बैठक की समाप्ति के बाद एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए बोर्ड के महासचिव अब्दुल रहीम कुरैशी ने कहा, "कार्यकारिणी की बैठक में आज अयोध्या विवाद पर आए इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ के फैसले की समीक्षा गई। विचार विमर्श और आपसी सहमति के बाद उच्च न्यायालय के फैसले को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती देने का फैसला किया गया।"
उन्होंने कहा कि कार्यकारिणी ने माना कि अदालत के फैसले में कई कमियां हैं और बोर्ड का दायित्व है कि वह इनके निराकरण के लिए सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाए।
समझौते के सवाल पर कुरैशी ने कहा, "जहां तक समझ्झौते का सवाल है अगर कोई बातचीत का ठोस प्रस्ताव रखेगा तो बोर्ड उस पर शरियत और संविधान की रोशनी में बात करने पर विचार करेगा। इस बैठक में देशभर के प्रमुख मुस्लिम धर्मगुरुओं और मुस्लिम बुद्धिजीवियों ने भाग लिया था।"
उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड पहले ही उच्च न्यायालय के फैसले को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती देने की घोषणा कर चुका है।
गौरतलब है कि उच्च न्यायालय ने अयोध्या में विवादित जमीन का एक तिहाई हिस्सा हिंदू महासभा को, एक तिहाई हिस्सा निर्मोही अखाड़े को और बाकी एक तिहाई हिस्सा सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड को देने का फैसला सुनाया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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