'कनाडा के खिलाफ भारत के मतदान से संबंध प्रभावित नहीं होंगे'
टोरंटो, 16 अक्टूबर (आईएएनएस)। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की अस्थाई सदस्यता के लिए इस सप्ताह हुए मतदान में भारत का कनाडा के खिलाफ मत देने पर हालांकि भारत-कनाडाई समुदाय के कुछ प्रमुख लोगों ने असहजता व्यक्त की है लेकिन उनका कहना है कि इससे दोनों देशों के बेहतर संबंधों पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
कनाडा को इस चुनाव में पिछले कई दशकों की सबसे बड़ी कूटनीतिक असफलता झेलनी पड़ी है। इस चुनाव में उसके भारत सहित कई कथित मित्र देशों ने उसके खिलाफ पुर्तगाल को वोट दिया।
कनाडा पिछले दो वर्षो से भारत के साथ संबंधों को लगातार मजबूत कर रहा है और वह भारत से उसके पक्ष में मतदान की उम्मीद कर रहा था। दरअसल पुर्तगाल ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की स्थाई सदस्यता के लिए भारत का समर्थन किया जबकि कनाडा ने ऐसा नहीं किया है इसलिए भारत ने कनाडा के बजाय पुर्तगाल को वोट दिया।
भारत-कनाडा संबंधों में कड़वाहट पैदा होने की संभावना को खारिज करते हुए कनाडा-इंडिया फाउंडेशन के संस्थापक और उद्योगपति अजीत सोमेश्वर ने कहा, "कनाडा ने भारत के लिए मजबूत संबंधों के लिए ठोस प्रयास किए हैं। हाल ही में भारत यात्रा कर चुके प्रधानमंत्री (स्टीफन हार्पर) और लगभग सभी कनाडाई मंत्री भारत से मजबूत सम्बंधों के पक्ष हैं।"
उन्होंने कहा, "हालांकि भारत को कनाडा के साथ अपनी साझेदारी पर रणनीतिक रूख अपनाने की जरूरत है। भारत का प्रत्येक कदम महत्वपूर्ण है। कनाडा में भारतीयों की बड़ी संख्या को देखते हुए भारत को कनाडा के हितों के बारे में भी सोचना चाहिए।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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