सीबीआई करेगी झारखण्ड पुलिस सेवा कोष घोटाले की जांच
सरकार के एक सूत्र ने आईएएनएस को बताया, "केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पुलिस सेवा कोष घोटाले की जांच सीबीआई से कराने की मंजूरी दे दी है। इस घोटाले में राज्य के पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) वी.डी.राम और कई अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के शामिल होने का आरोप है। इस मामले की फाइल मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा के पास अंतिम मंजूरी के लिए भेज दी गई है जिसके बाद सीबीआई जांच की अधिसूचना जारी कर दी जाएगी।"
वर्ष 2008 में हुआ पुलिस कोष घोटाला काफी सुर्खियों में रहा था और इस मुद्दे को विधानसभा में काफी प्रमुखता से उठाया गया था।
इस मामले में 16 मार्च, 2006 को सेवा कोष से 5.60 करोड़ रुपये की निकासी की गई जबकि सात मार्च 2008 को भी इसी कोष से 2.50 करोड़ रुपये निकाले गए।
राज्य के दो पुलिस अधिकारियों पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) वी.डी.राम और विशेष शाखा के पूर्व अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजीपी) राजीव कुमार पर इस घोटाले का आरोप है। उल्लेखनीय है कि राम उस समय होम गार्ड्स के महानिदेशक पद पर भी तैनात थे।
पूर्व की सरकारों द्वारा इस घोटाले पर कार्रवाई नहीं किए जाने के बाद झारखण्ड उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर की गई। अदालत ने तीन महीने पहले ही इस याचिका का निस्तारण कर दिया था, क्योंकि राज्य सरकार ने अपनी तरफ से एक हलफनामा दायर किया था जिसमें कहा गया कि इस मामले की सीबीआई जांच कराने में कोई आपत्ति नहीं है।
सूत्रों के मुताबिक राज्य सरकार ने दो महीने पहले ही केंद्रीय गृह मंत्रालय को सीबीआई जांच के लिए प्रार्थना पत्र भेज दिया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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