हर जुबान पर है आस्ट्रेलियाई तैराक का नाम
समाचार पत्र 'सिडनी मॉर्निग हेराल्ड' के अनुसार 23 वर्षीय काउट्स को राष्ट्रमंडल खेलों में पदक जीतने की उम्मीद नहीं थी।
काउट्स की जिंदगी अब बदल चुकी है। इससे पहले इस आस्ट्रेलियाई तैराक के बारे में कोई नहीं जानता था। दिल्ली में हुए राष्ट्रमंडल खेलों में मिली स्वर्णिम सफलता के बाद अब उन्हें सभी लोग पहचानने लगे हैं।
कई लोगों को काउट्स की क्षमता पर शक था कि क्या वह एक तैराकी प्रतिस्पर्धा में पदक हासिल कर सकती हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि काउट्स बीजिंग में हुए ओलंपिक की मिश्रित प्रतिस्पर्धा के फाइनल में पहुंची थीं, लेकिन उदर रोग संबंधी हुई सर्जरी के बाद वह अपनी वापसी के लिए जूझ रहीं थीं।
काउट्स ने कहा, "सचमुच मैं नहीं जानती थी कि मैं फिर से प्रतिस्पर्धा में हिस्सा ले पाऊंगी। मेरे दिमाग में यह हमेशा चलता रहता था कि क्या मैं वापसी कर पाऊंगी?"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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