राष्ट्रमंडल खेल (समापन समारोह) : बाय-बाय दिल्ली, गुडलक ग्लास्गो (राउंडअप)
राजधानी में तीन से 14 अक्टूबर तक आयोजित खेलों के इस कुम्भ के औपचाकिर समापन की घोषणा इंग्लैंड की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के पुत्र राजकुमार एडवर्ड्स ने की। स्कॉटलैंड के ग्लास्गो में मिलने के वादे के साथ दुनिया के एथलीटों ने दिल्ली को बाय-बाय कहा। इस कुम्भ में 71 देशों के करीब 6700 खिलाड़ियों और प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
इस मौके पर राष्ट्रमंडल खेल संघ के अध्यक्ष माइक फेनेल ने कहा, "दिल्ली तुमने सही मायने में अविस्मरणीय खेलों का आयोजन किया है। हम सभी के लिए यह एक शानदार अनुभव रहा। धन्यवाद दिल्ली।"
यहां तक कि आयोजन से पूर्व सुरक्षा और अन्य तैयारियों को लेकर सवाल उठाने वालों ने यह स्वीकार किया कि यह अब तक के सबसे बेहतर आयोजनों में एक था।
समारोह को देखने करीब 60 हजार दर्शक जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम पहुंचे। जगमगाती रोशनी और वाद्य यंत्रों की मधुर ध्वनि के बीच करीब 500 मार्शल आर्ट कलाकारों ने तलवारों, लाठियों और पारंपरिक हथियारों की कलाबाजियों के जरिए अपनी प्रस्तुति दी।
इसके बाद भारतीय थल सेना के बैंडों ने मौजूद दर्शकों और अतिविशिष्ट लोगों को अपनी मनमोहक धुनों से मंत्रमुग्ध कर दिया। थल सेना की अलग-अलग बटालियनों और रेजिमेंटों के 14 मिलिट्री बैंडों ने 'कदम से कदम बढ़ाए जा' और 'सारे जहां से अच्छा' जैसे देशभक्ति गीतों की धुन बजाकर देशवासियों में नई ताजगी भर दी। शानदार पोशाक में सेना के बैंडमास्टर बेहद सुंदर और मनमोहद दिख रहे थे। इस दौरान पूरा स्टेडियम मंत्रमुग्ध अवस्था में उनकी धुनों को अपनी कानो में घोल रहा था।
बैंड और तासों की आवाज दिल्ली की फिजा में सुनाई दे रही थी और ऐसा लग रहा था कि यह संदेश दे रही कि हमने तो कर दिखाया.. अब आगे आने वालों की बारी है। सेना के इन बैंडों की शानदार धुनों के माध्यम से दिल्ली और राष्ट्र ने शानदार और सफल मेजबान होने का संदेश एक बार फिर दुनिया को दिया।
इस सबके बीच सफेद पोशाक पहने हजारों स्कूली बच्चों ने राष्ट्रगीत 'वंद मातरम' की भव्य प्रस्तुति दी।
कार्यक्रम में श्रीलंका के राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे और भूटान के राजकुमार जिगमे केसर नैमगेल वांगचुक मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थिति थे। इसके अलावा अतिविशिष्ठ अतिथियों में उपराष्ट्रपति मोहम्मद हामिद अंसारी, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के तीसरे पुत्र अर्ल ऑफ वेसेक्स राजकुमार एडवर्ड, कांग्रस अध्यक्ष सोनिया गांधी, राष्ट्रमंडल खेल महासंघ के अध्यक्ष माइक फेनेल, आयोजन समिति के अध्यक्ष सुरेश कलमाडी और अंतर्राष्ट्रीय हॉकी महासंघ के अध्यक्ष लिनार्दो नेगरे प्रमुख रहे।
कई देशों के उच्चायुक्त, राजनयिक और राजदूत इस कार्यक्रम के लिए नेहरू स्टेडियम पहुंचे। बड़ी संख्या में अतिविशिष्ठ मेहमानों की मौजूदगी के कारण स्टेडियम के अंदर और बाहर सुरक्षा के अत्यंत कड़े बंदोबस्त किए गए हैं। सभी अतिविशिष्ठ अतिथियों के पहुंचने के बाद राष्ट्रगान बजाया गया। इसके बाद 10 तक की उलटी गिनती के साथ समापन समारोह शुरू हो गया।
केन्याई धावकों को मिली जोरदार तालियां : मैराथन स्पर्धा जीतने वाले केन्याई धावक जोरदार तालियां बटोरने में सफल रहे। यही नहीं, उनके राष्ट्रगान को सबसे अधिक लोगों ने खड़े होकर सम्मान दिया।
इस समारोह से ठीक पहले महिलाओं और पुरुषों की मैराथन स्पर्धा के विजेजाओं को पदक वितरित किए गए। इस दौरान स्टेडियम में लगभग 60 हजार लोग मौजूद थे। इस स्पर्धा का आयोजन गुरुवार को ही हुआ था।
केन्याई धावकों को हमेशा इस बात का गर्व रहता है कि उनके देश को सबसे अधिक लोग खड़े होकर सम्मान देते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि मैराथन में आमतौर पर उनकी ही बादशाहत होती है। ओलम्पिक में भी। बीजिंग ओलंपिक के दौरान भी बिल्कुल इसी तरीके से केन्याई धावक अपने देश को सम्मान दिलाने में सफल रहे थे।
भारतीय खिलाड़ियों का जोरदार स्वागत : उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी सहित सभी विशिष्ट लोगों और जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में मौजूद लगभग 60 हजार लोगों ने भारतीय खिलाड़ियों का ताली बजाकर स्वागत किया।
भारतीय दल की अगुआई निशानेबाजी में चार स्वर्ण पदक जीतने वाले गगन नारंग कर रहे थे। गगन राष्ट्रध्वज लेकर चल रहे थे जबकि देश के लिए 38वां स्वर्ण जीतने वाली बैडमिंटन स्टार सायना नेहवाल सहित बाकी खिलाड़ी उनके पीछे चल रहे थे।
भारतीय खिलाड़ियों के स्टेडियम में प्रवेश करते ही जोरदार शोर सुनाई दिया। शोर इतना तेज था कि अपनी आवाज सुननी भी मुश्किल थी। दर्शकों के उत्साह में इजाफा करते हुए प्रधानमंत्री और सोनिया ने भी जोरदार ताली बजाकर खिलाड़ियों का स्वागत किया।
गायक शान के साथ पूरे देश ने कहा 'गुडबॉय ओ शेरा' : 'गुडबाय ओ शेरा. बड़ा याद आएगा तू शेरा', मशहूर गायक शान द्वारा गाए गए इस गीत के साथ पूरे देश ने 19वें राष्ट्रमंडल खेलों के शुभंकर शेरा को विदाई दी। एशियाई खेलों के शुभंकर अप्पू की तरह शेरा भी बच्चों के बीच काफी लोकप्रिय रहा।
शेरा और शान ने साथ-साथ एक ऑटोरिक्शा में बैठकर स्टेडियम में प्रवेश किया। शेरा हाथ हिला-हिलाकर लोगों का अभिनंदन कर रहा था और पूरा स्टेडियम शेरा की शान में गीत गा रहा था।
यह पल भावनात्मक था। जिस खेल के लिए भारत ने आठ वर्ष तक इंतजार किया और इन खेलों के माध्यम से शेरा को पूरी दुनिया में लोकप्रिय बनाया, उस शेरा को अब लोग तस्वीरों और टेलीविजन फुटेज में ही देख सकेंगे।
खेलों के दौरान शेरा ने खिलाड़ियों के साथ-साथ दर्शकों का भी सम्मान बढ़ाया। वह बच्चों के बीच काफी लोकप्रिय रहा। बच्चों ने हमेशा शेरा के साथ तस्वीर खिंचवाना पसंद किया। बच्चे तो बच्चे बड़ों के बीच भी शेरा बराबर लोकप्रिय था।
फेनेल ने भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन को सराहा : राष्ट्रमंडल खेल महासंघ (सीजीएफ) के अध्यक्ष माइक फेनेल ने 19वें राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन की सराहना की। फेनेल ने अपने संबोधन के दौरान कहा कि भारतीय खिलाड़ियों ने मेजबान होने के नाते सराहनीय प्रदर्शन कर स्कॉटलैंड के सामने एक उदाहरण रखा है।
फेनेल ने कहा, "भारतीय खिलाड़ियों ने अपने शानदार खेल से सबका मन मोहा है। साथ ही उन्होंने खेल भावना की मिसाल कायम की है। अगले मेजबान स्कॉटलैंड के लिए यह एक सीख है।"
भारत ने 19वें राष्ट्रमंडल खेलों में कुल 101 पदक हासिल किए। इसमें 38 स्वर्ण पदक शामिल हैं। राष्ट्रमंडल खेलों में भारत का यह अब तक का सबसे अच्छा प्रदर्शन है। मैनचेस्टर में आयोजित 18वें राष्ट्रमंडल खेलो में भारत ने 30 स्वर्ण पदक हासिल किए थे।
फेनेल ने कहा कि दिल्ली ने एक मेजबान के तौर पर जो सुरक्षा और मेहमानवाजी के जो मानक स्थापित किए हैं, उनसे आगे निकल पाना स्कॉटलैंड के लिए एक चुनौती होगी। उल्लेखनीय है कि 20वें राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी स्कॉटलैंड की राजधानी ग्लासगो को दी गई है।
केन्याई धावकों को मिली जोरदार तालियां : मैराथन स्पर्धा जीतने वाले केन्याई धावक जोरदार तालियां बटोरने में सफल रहे। यही नहीं, उनके राष्ट्रगान को सबसे अधिक लोगों ने खड़े होकर सम्मान दिया।
समापन समारोह से ठीक पहले महिलाओं और पुरुषों की मैराथन स्पर्धा के विजेजाओं को पदक वितरित किए गए। इस दौरान स्टेडियम में लगभग 60 हजार लोग मौजूद थे। इस स्पर्धा का आयोजन गुरुवार को ही हुआ था।
केन्याई धावकों को हमेशा इस बात का फर्क रहता है कि उनके देश को सबसे अधिक लोग खड़े होकर सम्मान देते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि मैराथन में आमतौर पर उनकी ही बादशाहत होती है। ओलम्पिक में भी। बीजिंग ओलंपिक के दौरान भी बिल्कुल इसी तरीके से केन्याई धावक अपने देश को सम्मान दिलाने में सफल रहे थे।
राजकुमार एडवर्ड्स ने की समापन की घोषणा : राजधानी में तीन से 14 अक्टूबर तक आयोजित 19वां राष्ट्रमंडल खेल औपचारिक रूप से समाप्त हो गया है। जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में औपचारिक समापन की घोषणा राजकुमार एडवर्डस ने की।
समापन समारोह में एडवर्ड्स ने कहा, "महारानी एलिजाबेथ द्वितीय और राष्ट्रमंडल खेल संघ की ओर से मैं 19वें राष्ट्रमंडल खेलों के समापन की घोषणा करता हूं।" उन्होंने राष्ट्रमंडल देशों के खिलाड़ियों से स्कॉटलैंड के ग्लास्गो में आयोजित होने वाले 20वें राष्ट्रमंडल खेलों में मिलने की बात कही।
ट्रेसिया स्मिथ को डैविड डिक्सन अवार्ड : राष्ट्रमंडल खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली जमैका की ट्रिपल जम्पर एथलीट ट्रेसिया स्मिथ को यहां गुरुवार को डैविड डिक्सन अवार्ड प्रदान किया गया।
पुरस्कार के लिए ट्रेसिया के नाम की घोषणा राष्ट्रमंडल खेल महासंघ के अध्यक्ष माइकल फनेल ने जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित राष्ट्रमंडल खेलों के रंगारंग समापन समारोह में की। इस पुरस्कार का नाम राष्ट्रमंडल खेल महासंघ के पूर्व सचिव के नाम पर रखा गया है। यह पुरस्कार उत्कृष्ट एथलीट को शानदार प्रदर्शन तथा टीम में भागीदारी के लिए दिया जाता है। मैनचेस्टर में 2002 में हुए राष्ट्रमंडल खेल के दौरान इस पुरस्कार की शुरुआत की गई थी।
स्मिथ ने चार वर्ष पहले भी मेलबर्न में स्वर्ण पदक जीता था। उन्होंने यहां पिछले शुक्रवार को 14.19 मीटर की लम्बी कूद में स्वर्ण पदक हासिल किया था।
ग्लास्गो ने दिखाई शानदार मेजबानी की झलक : जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में राष्ट्रमंडल खेल 2010 के रंगारंग समापन समारोह में वर्ष 2014 के मेजबान शहर ग्लास्को के कलाकारों की शानदार प्रस्तुति ने सभी का दिल जीत लिया।
सैकड़ों कलाकारों ने स्कॉटलैंड की परंम्परा को दर्शाते हुए ऐसे भव्य कार्यक्रम प्रस्तुत किए कि दर्शक एक क्षण के मंत्रमुग्ध हो गए। उन्होंने भव्य प्रदर्शन कर एक बेहतर मेजबान बनने की झलक दिखा दी।
उत्साह से भरे स्कॉटलैंड का एक मशकबीन वादक मुख्य मंच की ओर बढ़ रहा था और लाल धारीदार पारंपरिक वस्त्र पहने सैकड़ों कलाकार उनके पीछे दौड़ पड़े और उसे गोद में उठा लिया।
इन कलाकारों ने लाल रंग के लंबे धारीदार वस्त्र को उछालकर उसे भंवरजाल की शक्ल दे रहे थे। तभी दृश्य में दूसरा मशकबीन वादक उभरा। उसी समय हरे रंग का धारीदार वस्त्र लहराया गया। फिर मशकबीन वादकों की चहलकदमी शुरू हुई। इस मनोहारी दृश्य ने दर्शकों को मुग्ध किया।
बिखरा बॉलीवुड का रंग : 19वें राष्ट्रमंडल खेलों के समापन समारोह के मुख्य मंच पर भारत के कई उत्कृष्ट गायक-गायिकाओं ने अपने सुरों से दर्शकों को मुग्ध किया।
कैलाश खेर अपने प्रसिद्ध गीत 'अल्ला के बंदे' से शुरुआत की। रंग-बिरंगे परिधानों में सजे नर्तक-नर्तकियां उनके गीत की धुन पर थिरके।
गायक सुखविंदर, इला अरुण, शुभा मुद्गल, उषा उत्थुप और राघव सच्चर ने अपने प्रसिद्ध गीतों की झलक पेश की। फिर हिंदी फिल्म 'रंग दे बसंती' और 'इश्किया' के गीतों ने सबको झुमाया।
समारोह में बॉलीवुड गायक शान का स्वर भी गूंजा। इसके अलावा प्रसिद्ध सूफी गायिका जिला खान के साथ शिवमणि ने भी अपने सुरों के जादू बिखेरे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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