राजनीतिक व्यक्ति को वार्ताकार बनाना चाहते हैं उमर
सूत्रों ने आईएएनएस को बताया कि मुख्यमंत्री वार्ताकारों और सभी वर्गो के प्रतिनिधियों के साथ शीघ्र बातचीत की प्रक्रिया आरंभ कराना चाहते हैं।
सूत्रों ने बताया कि मौजूदा संकट के समय में मुख्यमंत्री 'बातचीत प्रक्रिया की सार्थक शुरुआत' के लिए वार्ताकारों में एक राजनीतिक रूप से प्रभावी चौथे व्यक्ति को भी शामिल कराना चाहते हैं।
इस सिलसिले में उमर ने अपनी मांग गृह मंत्री पी. चिदंबरम के पास भेज दी है। चिदंबरम ने गत बुधवार को पत्रकार दिलीप पडगांवकर, शिक्षाविद राधा कुमार और अर्थशास्त्री एम.एम. अंसारी को वार्ताकार नियुक्त किया।
गृह मंत्री ने तीनों लोगों को 'विश्वसनीय' व्यक्तित्व वाला बताया था। लेकिन गृहमंत्री के इस पहल पर जम्मू एवं कश्मीर के मुख्यधारा के दलों और अलगाववादियों की प्रतिक्रिया निराशाजनक रही।
सत्तारूढ़ दल नेशनल कांफ्रेंस ने वार्ताकारों के नामों पर औपचारिक प्रतिक्रिया देने को लेकर चुप्पी साध ली, जबकि मुख्य विपक्षी पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी ने केंद्र सरकार के इस पहल को 'उम्मीद को खत्म करने वाला' बताया।
अलगाववादियों ने चिदम्बरम द्वारा वार्ता के लिए घोषित नामों को 'निर्थक' करार दिया है। वहीं, 'पीपुल्स कांफ्रेंस' के प्रमुख सज्जाद गनी लोन ने कहा कि वार्ता के लिए नियुक्त तीन नामों ने कश्मीर के लोगों का 'अपमान' किया है।
सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री ने इन प्रतिक्रियाओं पर गौर करने के बाद केंद्र सरकार से ऐसे किसी राजनीतिक प्रभुत्व वाले चौथे व्यक्ति को वार्ताकारों में शामिल करने की मांग की है जिसकी अपील अलगाववादियों को वार्ता के लिए राजी कर सके।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications