कृष्णा ने श्रीलंका से तमिलों को अधिकार देने के लिए कहा (लीड-1)
विदेश मंत्री एस.एम. कृष्णा ने पत्रकारों को बताया, "मैंने अधिकारों के हस्तांतरण के मुद्दे को उठाया है। श्रीलंका में संसदीय चुनाव संपन्न हो चुके हैं। अब श्रीलंका सरकार की बारी है कि वह इस पर दृढ़तापूर्वक कार्रवाई करते हुए तमिल भाषी श्रीलंकाई लोगों को विश्वास में ले, ताकि उनकी चिंताओं और मांगों को स्थान मिल सके।"
विदेश मंत्री अपने श्रीलंकाई समकक्ष जी.एल. पेइरिस के साथ गुरुवार को हुई वार्ता के बारे में बता रहे थे। उन्होंने बताया कि पेइरिस के साथ तमिल टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (लिट्टे) के साथ युद्ध में विस्थापित हुए तमिल नागरिकों की दशा पर वार्ता हुई।
उन्होंने बताया कि विदेश मंत्री के साथ इस जातीय समस्या के राजनीतिक समाधान के लिए श्रीलंका सरकार द्वारा उठाए गए कदमों पर भी बातचीत हुई।
कृष्णा ने बताया, "एक बार अधिकारों का हस्तांतरण हो जाने के बाद वे विकास के मुद्दे की बात करेंगे। इस प्रक्रिया के लिए भारत अपना पूरा सहयोग देगा। श्रीलंका भारत की बातों से सहमत था। उसने कहा कि इस दिशा में प्रयास जारी हैं।"
विदेश मंत्री कृष्णा का यह बयान प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और श्रीलंका के राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे की बैठक के पहले आया।
उधर, पेइरिस ने विदेश मंत्री को बताया कि श्रीलंका में युद्ध से विस्थापित हुए 300,000 लोगों में से अब मात्र 20,000 लोगों को पुनर्वासित किया जाना बाकी है। विदेश मंत्री पेइरिस ने कृष्णा की इस महीने के अंत में प्रस्तावित श्रीलंका यात्रा के बारे में भी चर्चा की।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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