राष्ट्रमंडल खेल : खेलगांव में हुए नुकसान की भरपाई करेगा आस्ट्रेलिया (लीड-1)
भनोट ने एक बयान में कहा, "खेल गांव में आस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों के जश्न मनाए जाने और परिणामस्वरूप एक वाशिंग मशीन के क्षतिग्रस्त होने संबंधी मीडिया में आई खबर सच है। टॉवर संख्या 21 के प्रभारी ने खेल गांव प्रसासन को इस बारे में जानकारी दी थी। इस मुद्दे को एसीजीए के साथ उठाया गया। एसीजीए ने इस घटना पर खेद प्रकट किया और नियमानुसार नुकसान की भरपाई को राजी हो गया।"
ज्ञात हो कि गुरुवार रात खेलों का समापन समारोह समाप्त होने के बाद एक अज्ञात खिलाड़ी ने खेल गांव के आस्ट्रेलियाई हिस्से में बालकनी से एक वाशिंग मशीन को नीचे फेंक दिया।
दिल्ली पुलिस ने कहा कि चूंकि उसे आयोजन समिति की ओर से कोई आधिकारिक शिकायत प्राप्त नहीं हुई है, लिहाजा अभी तक इस मामले में कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है।
इसके पहले भनोट ने आईएएनएस को बताया था, "वहां किसी तरह की तोड़फोड़ नहीं हुई है। खिलाड़ी केवल खुशी का इजहार कर रहे थे। वाशिंग मशीन का टूटना महज एक दुर्घटना थी।"
उन्होंने कहा, "हमने आस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों से नुकसान के लिए हर्जाना देने को कहा और वह तैयार हो गए। किसी के खिलाफ कोई शिकायत नहीं दर्ज कराई गई है।"
यहीं पर, नई दिल्ली स्थित आस्ट्रेलियाई उच्चायोग ने मीडिया में आई उन खबरों को निराधार बताया है, जिनमें कहा गया है कि बेंगलुरू टेस्ट में भारत से मिली करारी हार से बौखलाए आस्ट्रेलियाई एथलीटों ने खेलगांव में तोड़फोड़ की थी।
एक भारतीय अखबार में छपी खबर के संदर्भ में उच्चायोग की ओर से शुक्रवार को जारी बयान में कहा गया, "यह खबर पूरी तरह गलत है। सारी बातें मनगढ़ंत हैं और इसमें आस्ट्रेलियाई एथलीटों को बदनाम करने की कोशिश की गई है। इस खबर ने एक अच्छे अखबार की गुणवत्ता को धूमिल किया है।"
इस रिपोर्ट में दिल्ली पुलिस के सूत्रों के हवाले से कहा गया था कि 12 अक्टूबर को भारत से आस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम के हारने के बाद कुछ एथलीटों ने खेल गांव में बने आवासीय परिसर में तोड़फोड़ की थी। रिपोर्ट में यह भी कहा गया था, "आस्ट्रेलिया एथलीटों ने सचिन तेंदुलकर के खिलाफ नारेबाजी भी की जो भारतीय जीत के सबसे बड़े सूत्रधार थे।"
आस्ट्रेलियाई उच्चायोग ने कहा, "खेल गांव में पदकों के जीतने की खुशी मनाई गई थी। हां, हम इस बात की पुष्टि करते हैं कि इस दौरान एक वाशिंग मशीन को नुकसान पहुंचाया गया। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि यह किसने किया। यह भी नहीं पता चला है कि यह सब जानबूझकर किया गया था या फिर दुर्घटनावश हो गया।"
उच्चायोग ने कहा, "यह कहना कि आस्ट्रेलियाइ क्रिकेट टीम की हार की प्रतिक्रिया में कुछ हुआ तो यह पूरी तरह निराधार है। आस्ट्रेलियाई एथलीटों ने सचिन के बारे में भी कुछ नहीं कहा। सचिन को आस्ट्रेलिया में बहुत आदर और प्यार की नजर से देखा जाता है।"
दूसरी ओर, एसीजीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पैरी क्रासव्हाइट ने गुरुवार रात की घटना पर खेद प्रकट किया है। उन्होंने शुक्रवार को कहा कि अच्छी बात यह है कि हुए इस हादसे में कोई घायल नहीं हुआ।
स्थानीय समाचार पत्र 'द संडे मार्निंग हेराल्ड' के मुताबिक व्हाइट ने कहा कि राष्ट्रमंडल खेलों की समाप्ति पर गुरुवार रात को हुई इस घटना से काफी निराशा हुई है।
व्हाइट ने संवाददाताओं को बताया, "हम नहीं जानते कि यह किसने किया है। दिल्ली पुलिस इस मामले को देख रही है और इसकी जांच करेगी।"
व्हाइट ने इस बात का भी खुलासा किया कि एक अन्य आस्ट्रेलियाई एथलीट को कुछ दिनों पहले ही अभद्र व्यवहार के कारण आस्ट्रेलिया वापस भेजा गया था, लेकिन उन्होंने एथलीट के नाम का खुलासा नहीं किया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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