राष्ट्रमंडल खेल : 'अद्भुत था खेलों का आयोजन'
नई दिल्ली, 15 अक्टूबर (आईएएनएस)। राष्ट्रमंडल खेलों में भाग लने वाले दक्षिण अफ्रीकी दल की प्रमुख पेशेंस शिकवामबाना को विश्वास था कि खेलों की तैयारियों में होने वाली देरी को भारत 'अंतिम समय' में व्यवस्थित कर लेगा। इसलिए वह खेलों की सफलता को लेकर चिंतित नहीं थीं।
शिकवामबाना ने आईएएनएस को बताया, "भारतीय अंतिम समय में तैयार होते हैं। मुझे बताया गया था कि यहां ज्यादातर लोग किसी कार्यक्रम में समय से कभी नहीं पहुंचते। खेलों से पहले मीडिया में यही बात कही जा रही थी, लेकिन हमें उम्मीद थी कि सबकुछ ठीक होगा और वही हुआ।"
उन्होंने बताया कि भारत पहुंचने पर खेलगांव उनके खिलाड़ियों और अधिकारियों के रहने के लिए तैयार नहीं था। यहां आने से पहले उनके 150 खिलाड़ियों और 230 अधिकारियों को होटल में ठहरना पड़ा।
राष्ट्रमंडल खेलों की 12 दिनों तक चली स्पर्धा के सफलता पूवर्क समापन से शिकवामबाना को यह अहसास हो गया है कि भारतीयों को अंतिम समय में कामों को दुरुस्त करना आता है।
उन्होंने बताया, "मैंने दो भारतीय शब्दों 'अच्छा है' और 'ठीक है' सीखा है, और इन दिनों मैं इन शब्दों को अपने व्यवहार में ला रही हूं।"
उन्होंने बताया कि जब मीडिया खेलों की तैयारियों में हो रही देरी की आलोचना कर रहा था। उस समय उन्होंने अपने खिलाड़ियों से खेल पर ध्यान केंद्रित करने के लिए कहा था।
शिकवामबाना ने बताया, "खेल तैयारियों के नकारात्मक प्रचार से खिलाड़ी परेशान हो सकते थे और उनका अपने खेल से ध्यान भटक सकता था। लेकिन मैं अपने खिलाड़ियों की आभारी हूं कि उन्होंने अपने ऊपर इसका प्रभाव नहीं पड़ने दिया।"
उन्होंने कहा, "इतने बड़े आयोजन में थोड़ी-बहुत खामियां रह जाती है। हमारे अपने देश में पानी और बिजली की अक्सर किल्लत होती है। महत्वपूर्ण बात यह है कि यहां हमारी जरूरतों को तत्काल पूरा कर दिया गया। अब तक के खेलगांव में यह सबसे अच्छा था। यहां तरणताल, व्यायामशाला और अन्य सुविधाएं थीं। स्टेडियम भी काफी सुंदर थे। इन खेलों के लिए मैं दस में से नौ नंबर दूंगी।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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