भारत व चीन के बीच 14वें दौर की सीमा वार्ता जल्द
कृष्णा ने संवाददाताओं को बताया, "अभी तक हम 13 दौर की बातचीत आयोजित कर चुके हैं। हम जल्द ही एक और बैठक करने जा रह हैं। दोनों देशों के बीच मतभेद होना लाजिमी है, लेकिन सीमा विवाद को सुलझाने के प्रति दोनों ओर एक चाह भी है।"
समझा जाता है कि भारत और चीन के विशेष प्रतिनिधि, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शिवशंकर मेनन और चीनी उप विदेश मंत्री दाई बिंगुओ सीमा विवाद पर 14वें दौर की वार्ता में हिस्सा लेंगे। भारत और चीन अब तक 13 दौर की सीमा वार्ता आयोजित कर चुके हैं, लेकिन उनमें कोई स्पष्ट सफलता नहीं मिल पाई है।
कृष्णा ने कहा कि जम्मू एवं कश्मीर भारत का वैध हिस्सा है। इसके साथ ही कृष्णा ने चीन द्वारा राज्य के लोगों को नत्थी किया हुआ वीजा जारी करने के प्रति भारत की आपत्ति को दोहराया।
इस मामले में चीन का व्यवहार जम्मू एवं कश्मीर पर भारत की संप्रभुता को लेकर सवाल खड़ा करने की एक चाल के रूप में देखा जा रहा है।
कृष्णा ने कहा, "चीन जम्मू एवं कश्मीर पर सख्त तटस्थता बनाए रखा है। इसलिए हम उम्मीद करते हैं कि चीन आगे भी अपनी उस स्थिति को बनाए रखेगा।" कृष्णा ने कहा कि नई दिल्ली ने बीजिंग को स्पष्ट कह दिया है कि नत्थी किया हुआ वीजा स्वीकार्य नहीं है और संबंधों को विकसित करने के लिए एक-दूसरे की प्रमुख चिंताओं के प्रति संवेदनशील होने की आवश्यकता है।
कृष्णा ने कहा, "हमने उनसे कह दिया है कि हम नत्थी किया हुआ वीजा स्वीकार नहीं करते और हम इसे स्वीकार नहीं करने वाले हैं। चीन को हमारी संवेदनशीलता को दिमाग में रखना चाहिए। यह भी कि संबंध कैसे बनते हैं, कैसे टिकते हैं और कैसे प्रगाढ़ होते हैं।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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