आधुनिक जीवनशैली बनाती है कैंसर का शिकार
ममी, जीवाश्मों और प्राचीन साहित्य के अध्ययन से पता चला है कि प्रदूषण और पोषक आहार के अभाव के इस समय से पहले किसी को ट्यूमर होना बहुत दुर्लभ बात होती थी।
'नेचर रिव्यूज कैंसर' जर्नल के मुताबिक मिस्र की ममियों के अध्ययन से पता चला है कि उनमें से सिर्फ एक में कैंसर के लक्षण थे।
समाचार पत्र 'डेली मेल' के मुताबिक प्राचीन मिस्र के साहित्य के अध्ययन से पता चला है कि उस समय कुष्ठ रोग या नसों में असामान्य सूजन के कारण ही कैंसर जैसी परेशानियां होती थीं।
मैनचेस्टर विश्वविद्यालय के प्रोफेसर माइकल जिमरमैन कहते हैं कि ममियों में कैंसर कोशिकाओं का कम पाया जाना यह बताता है कि उस समय यह बीमारी दुर्लभ थी। उन्होंने कहा कि इससे यह भी स्पष्ट होता है कि कैंसर के कारक आधुनिक जीवनशैली अपनाने वाले समाजों में सीमित हैं।
सह-शोधकर्ता प्रोफेसर रोसेली डेविड के अनुसार प्राकृतिक वातावरण में ऐसा कुछ नहीं है जिसकी वजह से कैंसर हो। इसलिए प्रदूषण, खान-पान में बदलाव और जीवनशैली को इसका कारण माना जाता है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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