महंगाई दर सितम्बर में 8.62 प्रतिशत हुई
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा सख्त मौद्रिक नीति अपनाए जाने के बावजूद खाद्य पदार्थो की कीमतों में लगातार वृद्धि और विनिर्माण उत्पादों की कीमतों में वृद्धि के कारण महंगाई दर में वृद्धि दर्ज की जा रही है।
आरबीआई ने इस साल पांच बार ब्याज दरों में वृद्धि की है। सितम्बर माह में महंगाई दर में वृद्धि के चलते एक बार फिर दो नवंबर को होने वाली मौद्रिक समीक्षा में ब्याज दरें बढ़ने का दबाव बन गया है।
आरबीआई ने पिछले महीने रिवर्स रेपो दर में 50 आधार अंक और रेपो दर में 25 आधार अंक की वृद्धि की थी।
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा शुक्रवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक थोक मूल्य सचकांक में 20.12 प्रतिशत हिस्सेदारी वाले प्राथमिक क्षेत्र की वस्तुओं की कीमतों का सूचकांक सितम्बर में 1.7 प्रतिशत बढ़कर 179.7 अंक हो गया जो कि अगस्त में 177 अंक था।
प्राथमिक वस्तुओं के सूचकांक की ज्यादातर जिसों (खाद्य और गैर खाद्य) के दामों में वृद्धि हुई है। मछली, फल, सब्जियों, सिल्क और कपास के दामों में तेज वृद्धि हुई है।
थोक मूल्य सूचकांक मे 65 प्रतिशत हिस्सेदारी वाले विनिर्माण क्षेत्र की वस्तुओं की कीमतों के सूचकांक में सितंबर महीने में 0.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
जुलाई महीने में संशोधित महंगाई दर 9.97 प्रतिशत रही है इससे पहले 10.31 प्रतिशत का अनुमान जारी किया गया था।
शुक्रवार को जारी खाद्य पदार्थो की महंगाई दर के आंकड़ों के मुताबिक दो अक्टूबर को समाप्त सप्ताह में यह बढ़कर 16.24 प्रतिशत हो गई।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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