कश्मीर पर उमर की टिप्पणी में कुछ गलत नहीं: कृष्णा
दिल्ली में शुक्रवार को उमर के बयान के बारे में पूछे जाने पर कृष्णा ने संवाददाताओं से कहा, "मुझे नहीं लगता कि उमर ने कुछ भी आपत्तिजनक कहा है। यह एक सच्चाई है कि मैसूर की तरह ही एक समझौते तहत जम्मू एवं कश्मीर भारत का हिस्सा बना था।"
विदेश मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि जम्मू एवं कश्मीर की तरह मैसूर के महाराजा ने भारत में शामिल होने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किया था। उन्होंने कहा, "मैं भी मैसूर का एक नागरिक हूं।"
पिछले दिनों में राज्य विधानसभा के सत्र के दौरान उमर ने कहा था कि जम्मू एवं कश्मीर की जूनागढ़ और हैदराबाद से तुलना नहीं की जा सकती क्योंकि इसका भारत में विलय नहीं हुआ था बल्कि समझौते के तहत यह भारत का अंग बना था।
कृष्णा ने यह भी कहा कि जम्मू एवं कश्मीर भारत का एक 'वैधानिक हिस्सा' है। उन्होंने यह भी दोहराया कि जम्मू एवं कश्मीर के लोगों को चीन द्वारा अलग से वीजा देने पर भारत को घोर आपत्ति है।
उन्होंने कहा कि बीजिंग को यह दो टूक शब्दों में बता दिया गया है कि जम्मू एवं कश्मीर के लोगों को अलग से वीजा जारी करने के कदम को स्वीकार नहीं किया जा सकता।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications