राष्ट्रमंडल खेल: 'महिला खिलाड़ी हैं असली हीरो'
उन्होंने कहा कि भारतीय महिला खिलाड़ियों ने एक के बाद एक इतने पदक जीतकर सभी को आश्चर्यचकित कर दिया और वे ही इन खेलों की वास्तविक हीरो हैं।
'सेंटर फॉर सोशल रिसर्च' की निदेशक रंजना कुमारी ने आईएएनएस से कहा, "हमें उन पर और उनके प्रयासों पर बहुत गर्व है। वे कई युवा लड़कियों के लिए आदर्श बन गई हैं। उनकी सफलता एक प्रेरणा है और इस बात का सबूत है कि यदि लड़कियों को अवसर मिले तो वे भी चमक बिखेर सकती हैं।"
कुमारी ने कहा, "यदि उन्हें और प्रोत्साहन मिला तो वे निश्चित रूप से आगे और भी बेहतर करेंगी। जो एथलीट गरीब पृष्ठभूमि से आते हैं उनके लिए मदद की व्यवस्था होना चाहिए फिर चाहे वह लड़के हों या लड़कियां।"
भारत को राष्ट्रमंडल खेल-2010 में कुल 101 पदक मिले हैं। इनमें से 38 स्वर्ण पदक हैं। महिला खिलाड़ियों ने कुल 22 पदक हासिल किए हैं और उनमें 15 स्वर्ण व चार रजत पदक हैं।
महिला खिलाड़ियों ने भारोत्तोलन, निशानेबाजी, बैडमिंटन, कुश्ती, टेबल-टेनिस और एथलीटिक्स सहित सभी प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेकर अच्छा प्रदर्शन किया।
किरण बेदी कहती हैं कि महिला खिलाड़ियों की जीत उनके परिवार व उनके कोचों की जीत है। उन्होंने कहा कि सरकार की पर्याप्त सहायता के बिना ही ये खिलाड़ी विजेता बनी हैं और इसका श्रेय उनके परिवारों और उन्हें प्रशिक्षित करने वाले कोचों को जाता है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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