महाअष्टमी पर दुर्गा पूजा की धूम
कोलकाता, 15 अक्टूबर (आईएएनएस)। दुर्गा पूजा के तीसरे और सबसे महत्वपूर्ण दिन महाअष्टमी के अवसर पर मंगलवार को हजारों श्रद्धालुओं ने दुर्गा पूजा पंडालों में एक विशेष प्रार्थना 'अंजलि' में हिस्सा लिया। पारम्परिक वाद्य यंत्र ढाक की थापों के बीच यह प्रार्थना सम्पन्न हुई।
पांच दिवसीय दुर्गा पूजा उत्सव षष्ठी से शुरू हुआ था और दशहरे के दिन इसका समापन होगा। कोलकाता सहित पूरे पश्चिम बंगाल में धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों के साथ हर साल धूमधाम से यह उत्सव मनाया जाता है। इस अवसर पर सुसज्जित पंडालों में देवी दुर्गा और उनके चार बच्चों की प्रतिमाएं सजाई जाती हैं और उनकी पूजा-अर्चना की जाती है।
दुर्गा पूजा उत्सव में 'कुमारी पूजा' विशेष आकर्षण होती है। इसमें हिस्सा लेने के लिए हजारों श्रद्धालु रामकृष्ण मठ व मिशन के वैश्विक मुख्यालय बेलूर मठ पहुंचे।
'कुमारी पूजा' में एक छोटी बच्ची की मां दुर्गा के रूप में पूजा की जाती है। हिंदू मान्यता के अनुसार महिलाओं का महत्व स्थापित करने के मकसद से 'कुमारी पूजा' की शुरुआत हुई थी।
उन्नीसवीं सदी के अंतिम वर्षो में प्रख्यात धार्मिक गुरु रामकृष्ण परमहंस देब ने इस पूजा की शुरुआत की थी।
ऐसा विश्वास है कि दुर्गा पूजा उत्सव के दौरान देवी दुर्गा, भगवान गणेश, कार्तिक और देवी लक्ष्मी व सरस्वति के साथ धरती पर आती हैं और पृथ्वी से बुराईयों का अंत करने के लिए यहां चार दिन तक रहती हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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