शादी के बाद 'राम' से 'रावण' बना कलाकार
काठमांडू, 14 अक्टूबर (आईएएनएस)। रामलीला में बचपन से राम का किरदार निभाने वाले गणेश झा को शादी के बाद रावण की भूमिका निभानी पड़ रही है। नेपाल में इन दिनों बड़े पैमाने पर हो रहे रामलीला मंचन में समाज के सभी वर्गो के लोग उत्साह पूर्वक हिस्सा ले रहे हैं।
उत्तर प्रदेश के अयोध्या निवासी गणेश (40) साकेत आदर्श रामलीला मंडल (एसएआरएम) के बड़े कलाकारों में से एक हैं। गणेश 10 वर्ष की अवस्था में रामलीला में शामिल हो गए थे और इस दौरान उन्होंने राम के बचपन और किशोरावस्था की भूमिकाएं कीं।
गणेश जब 20 साल के हुए तो परिवार वालों ने उनकी शादी कर दी। शादी के बाद से गणेश रावण का किरदार निभा रहे हैं।
नेपाल में अपने 24 सदस्यों के साथ रामलीला का मंचन करने आए एसएआरएम के निर्देशक रवींद्र दास ने बताया, "हम रामलीला के कलाकार फिल्म अभिनेताओं जैसे नहीं हैं। हमें हिंदू धार्मिक मान्यताओं के अनुरूप रामलीला का मंचन करना होता है।"
उन्होंने बताया कि चूंकि राम को हिंदू देवता भगवान विष्णु का अवतार माना जाता है और इस भूमिका को निभाने वाले व्यक्ति को ब्रह्मचारी रहने की परंपरा है। इसलिए कलाकार की शादी हो जाने के बाद यह भूमिका दूसरे को दे दी जाती है। रामलीला के बच्चों को पारंपरिक गुरुकुल पद्धति के अनुसार शिक्षित किया जाता है।
रवींद्र ने समाचार पत्र 'कांतिपुर' को बताया कि कभी लोकगायकी के रूप में प्रचलित रामलीला अब व्यवस्थित हो गया है। गणेश झा को प्रति महीने 25,000 रुपये का वेतन मिलता है। वहीं, रामलीला का मंचन करने में करीब पांच लाख रुपये की लागत आती है।
इस दशहरा के मौके पर रवींद्र की रामलीला का मंचन नेपाल की सीमा स्थित नेपालगंज में किया जा रहा है। इस क्षेत्र में मुस्लिम लोगों की आबादी ज्यादा है। यहां के 'टंडन राइस मिल' के मैदान में हिंदुओं के साथ मुस्लिम भी रामलीला देखने के साथ ही दशहरा त्योहार को उत्साह पूर्वक मनाते हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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