बिहार चुनाव : राहुल व मायावती ने गरमाया चुनावी माहौल (राउंडअप)
सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ओर से झारखण्ड के मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा सहित कई नेताओं ने प्रचार किए तो राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की ओर से लालू प्रसाद ओर लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) की ओर से रामविलास पासवान ने कई जनसभाएं कीं।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जनादेश यात्रा के क्रम में किशनगंज, कोचाधामन, ठाकुरगंज, बहादुरगंज समेत कई क्षेत्रों में जनता से और पांच वर्षो के लिए जनादेश मांगा तो शरद यादव ने समस्तीपुर में लोगों से जनता दल (यु) को मत देने की अपील की।
कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव राहुल गांधी ने गुरुवार को कहा कि कांग्रेस विकास की बात करना चाहती है। अब वह समय आ गया है जब आपको तय करना है कि आपको कैसा बिहार चाहिए। उन्होंने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि भविष्य की सोचो और विकास के लिए लड़ो।
बिहार के एक दिवसीय दौरे पर आए राहुल ने अररिया के सिकटी विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस प्रत्याशी शागुफ्ता अजीम के पक्ष में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए कहा कि एक समय था जब बिहार और उत्तर प्रदेश के लोग पूरे देश को रास्ता दिखाते थे, लेकिन आज यहां के लोग पिछड़ गए हैं। उन्होंने कहा कि इसमें लोगों का दोष नहीं, यहां की सरकार दोषी है। यह नहीं भूलना चाहिए कि यहीं के लोग दिल्ली और पंजाब जाकर विकास कर रहे हैं।
इसके पूर्व बिहार के कटिहार के कोढ़ा विधानसभा में एक चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए राहुल ने कहा कि हम धर्म और जाति की बात नहीं, युवाओं के विकास की बात करना चाहते हैं।
राहुल ने नीतीश कुमार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि यहां के मुख्यमंत्री कहते हैं कि उनका अन्य दल से तालमेल है, परंतु उस दल के दो नेता यहां नहीं आएंगे। उन्होंने कहा कि तालमेल विचारधारा की होनी चाहिए। हम उस विचारधारा को मिटाना चाहते हैं जो जाति और धर्म के नाम पर समाज को बांटती हो।
राहुल गुरुवार को बिहार में प्रथम चरण के तहत 21 अक्टूबर को मतदान होने वाले क्षेत्र कटिहार, अररिया तथा सुपौल जिले के एक-एक विधानसभा क्षेत्र में चुनावी सभाओं को संबोधित करने पहुंचे।
दूसरी ओर, बसपा अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती ने कहा कि बिहार का विकास नहीं होने तथा रोजगार के अभाव के कारण युवा नक्सली बन रहे हैं या गलत रास्ते पर चल पड़े हैं।
बिहार के एक दिवसीय चुनावी दौरे पर आईं मायावती ने पूर्णिया जिले के धमदाहा विधानसभा क्षेत्र में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए कहा कि बिहार में आजादी के बाद से अब तक कांग्रेस, भाजपा तथा अन्य क्षेत्रीय पार्टियों का शासन रहा है, लेकिन अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति तथा पिछड़े वर्ग के लोगों का विकास नहीं हुआ है। यहां की सरकार से किसान, मजदूर, कर्मचारी सहित सभी वर्ग दुखी हैं।
मायावती ने कहा कि आज बिहार में समता मूलक सरकार की जरूरत है। उन्होंने मतदाताओं से कहा कि बसपा राज्य की लगभग सभी सीटों पर अकेले चुनाव लड़ रही है, इसे मौका देकर देखें।
इस बीच, टिकट बंटवारे से नाराज लोजपा कार्यकर्ताओं ने लोजपा के प्रदेश कार्यालय के सामने हंगामा किया और धरना दिया। धरना पर बैठे भभुआ विधानसभा के कार्यकर्ताओं का नेतृत्व कर रहे मोहम्मद इनामुल ने आरोप लगाया, "पहले लोजपा प्रमुख ने मेरी उम्मीदवारी की घोषणा कर दी और अब चुनाव चिह्न् नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब तक चुनाव चिह्न् नहीं मिल जाता, धरना जारी रहेगा।"
उल्लेखनीय है कि बिहार विधानसभा की 243 सीटों के लिए छह चरणों में 21 अक्टूबर से 20 नवंबर के बीच मतदान होना है। सभी सीटों के लिए मतगणना 24 नवंबर को होगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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