राष्ट्रमंडल खेल (समापन समारोह) : मार्शल कलाकारों ने की शानदार शुरुआत (लीड-1)
इस समारोह को देखने करीब 60 हजार दर्शक जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम पहुंचे। जगमगाती रोशनी और वाद्य यंत्रों की मधुर ध्वनि के बीच करीब 500 मार्शल आर्ट कलाकारों ने तलवारों, लाठियों और पारंपरिक हथियारों की कलाबाजियों के जरिए अपनी प्रस्तुति दी।
इसके बाद भारतीय थल सेना के बैंडों ने मौजूद दर्शकों और अतिविशिष्ट लोगों को अपनी मनमोहक धुनों से मंत्रमुग्ध कर दिया। थल सेना की अलग-अलग बटालियनों और रेजिमेंटों के 14 मिलिट्री बैंडों ने 'कदम से कदम बढ़ाए जा' और 'सारे जहां से अच्छा' जैसे देशभक्ति गीतों की धुन बजाकर देशवासियों में नई ताजगी भर दी।
अपनी शानदार पोशाक में सेना के बैंडमास्टर बेहद सुंदर और मनमोहद दिख रहे थे। इस दौरान पूरा स्टेडियम मंत्रमुग्ध अवस्था में उनकी धुनों को अपनी कानो में घोल रहा था।
बैंड और तासों की आवाज दिल्ली की फिजा में सुनाई दे रही थी और ऐसा लग रहा था कि यह संदेश दे रही कि हमने तो कर दिखाया.. अब आगे आने वालों की बारी है। सेना के इन बैंडों की शानदार धुनों के माध्यम से दिल्ली और राष्ट्र ने शानदार और सफल मेजबान होने का संदेश एक बार फिर दुनिया को दिया।
कार्यक्रम में श्रीलंका के राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे और भूटान के राजकुमार जिगमे केसर नैमगेल वांगचुक मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थिति थे। इसके अलावा अतिविशिष्ठ अतिथियों में उपराष्ट्रपति मोहम्मद हामिद अंसारी, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के तीसरे पुत्र अर्ल ऑफ वेसेक्स राजकुमार एडवर्ड, कांग्रस अध्यक्ष सोनिया गांधी, राष्ट्रमंडल खेल महासंघ के अध्यक्ष माइक फेनेल, आयोजन समिति के अध्यक्ष सुरेश कलमाडी और अंतर्राष्ट्रीय हॉकी महासंघ के अध्यक्ष लिनार्दो नेगरे प्रमुख रहे।
कई देशों के उच्चायुक्त, राजनयिक और राजदूत इस कार्यक्रम के लिए नेहरू स्टेडियम पहुंचे। बड़ी संख्या में अतिविशिष्ठ मेहमानों की मौजूदगी के कारण स्टेडियम के अंदर और बाहर सुरक्षा के अत्यंत कड़े बंदोबस्त किए गए हैं। सभी अतिविशिष्ठ अतिथियों के पहुंचने के बाद राष्ट्रगान बजाया गया। इसके बाद 10 तक की उलटी गिनती के साथ समापन समारोह शुरू हो गया।
केन्याई धावकों को मिली जोरदार तालियां : मैराथन स्पर्धा जीतने वाले केन्याई धावक जोरदार तालियां बटोरने में सफल रहे। यही नहीं, उनके राष्ट्रगान को सबसे अधिक लोगों ने खड़े होकर सम्मान दिया।
इस समारोह से ठीक पहले महिलाओं और पुरुषों की मैराथन स्पर्धा के विजेजाओं को पदक वितरित किए गए। इस दौरान स्टेडियम में लगभग 60 हजार लोग मौजूद थे। इस स्पर्धा का आयोजन गुरुवार को ही हुआ था।
केन्याई धावकों को हमेशा इस बात का गर्व रहता है कि उनके देश को सबसे अधिक लोग खड़े होकर सम्मान देते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि मैराथन में आमतौर पर उनकी ही बादशाहत होती है। ओलम्पिक में भी। बीजिंग ओलंपिक के दौरान भी बिल्कुल इसी तरीके से केन्याई धावक अपने देश को सम्मान दिलाने में सफल रहे थे।
दर्शकों में जबरदस्त उत्साह: उद्घाटन समारोह की तरह समापन समारोह में भी जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में जुटे दर्शकों में जोरदार उत्साह दिखाया।
गुरुवार शाम एरोस्टेट की बत्तियां जलते ही स्टेडियम हल्की नीली और सफेद रंग की रोशनी से नहा उठा। दर्शकों ने एरोस्टेट की खूबसूरती का एहतराम करते हुए जोरदार ताली बजाई।
सफेद, नीले और पीले रंग की बत्तियों के बीच स्टेडियम अत्यंत मनोरम लग रहा था। यहां पहुंचे हजारों लोगों ने अपनी उन्मुक्त गतिविधियों से स्टेडियम को जीता-जागता शहर बना दिया।
हर्द कौर ने समां बांधा: आयोजन शुरू होने से पहले भारत की एकमात्र हिपहॉप महिला कलाकार हर्द कौर ने दर्शकों का जमकर मनोरंजन किया। उनके मशहूर फिल्मी गीत 'गाट टू मूव योर बॉडी टुनाइट' पर दर्शक खूब थिरके। उद्घाटन के औपचारिक शुरुआत से पहले स्टेडियम में लगभग 50 हजाज लोग जुट चुके थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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