'परमाणु आपूर्ति के लिए अमेरिकी कम्पनियों से वार्ता जल्द'
वाशिंगटन, 14 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारत-अमेरिका असैन्य परमाणु समझौते के अंतर्गत भारत को परमाणु उपकरणों की आपूर्ति के लिए जल्द ही अमेरिकी कम्पनियों से बातचीत शुरू होने की उम्मीद है। अमेरिका में भारत की राजदूत मीरा शंकर ने यह बात कही।
अमेरिकी कम्पनियां भारत में परमाणु आपूर्ति क्षेत्र का एक बड़ा हिस्सा (150 अरब डॉलर) हासिल करना चाहती थीं लेकिन भारत में परमाणु दायित्व अधिनियम में आपूर्तिकर्ताओं की भी जिम्मेदारी तय किए जाने के कारण अमेरिकी कम्पनियों की रुचि कुछ कम हुई है।
शंकर ने परमाणु समझौते को भारत-अमेरिका संबंधों में बदलाव का साधन और प्रतीक बताते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच बढ़ते रक्षा सहयोग से आपसी विश्वास में भी वृद्धि हुई है।
शंकर ने यह बात जार्ज वाशिंगटन विश्वविद्यालय के इलियॉट स्कूल ऑफ इंटरनेशनल अफेयर्स में अपने भाषण के दौरान कही।
दोनों देशों के बीच रक्षा व्यापार पिछले कुछ साल में तेजी से बढ़कर चार अरब डॉलर से ज्यादा हो गया है। इसके अलावा एफएमएस योजना के अंतर्गत चार अरब डॉलर के व्यापार सौदे प्रस्तावित हैं।
आतंकवाद को लेकर दोनों देशों की सामूहिक चिंताओं को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि अब खुफिया सूचनाओं के आदान-प्रदान के जरिए अपनी क्षमताएं बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।
शंकर ने कहा कि भारत अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की नवंबर में प्रस्तावित यात्रा को आशावादी नजरिए से देख रहा है।
उन्होंने कहा कि यह यात्रा पिछले कुछ वर्षो में प्राप्त की गई उपलब्धियों का क्रम बरकरार रखते हुए भविष्य के लिए भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी की दिशा तय करेगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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