बुरहानपुर को 'धरोहर नगर' बनाने की कवायद
ज्ञात हो कि बुरहानपुर लगभग साढ़े तीन हजार साल पुरानी बस्ती है। इसके प्रमाण ऐतिहासिक महत्व की वस्तुओं से मिले हैं। यहां कई विश्व धरोहर हैं, जिनमें असीरगढ़ का किला, कुंडी भंडारा की पेयजल योजना, नगर सुरक्षा के लिए बना आठ किलो मीटर लम्बा परकोटा, जामा मस्जिद में संस्कृत व फारसी में उल्लिखित आयतें प्रमुख हैं। यहां बोहरा समाज की दरगाह-ए-हकीमी है।
भोपाल में स्कूली शिक्षा मंत्री अर्चना चिटनीस की अध्यक्षता में हुई बैठक में बुरहानपुर को धरोहर नगर बनाने के लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजने का निर्णय लिया गया। यह प्रस्ताव तैयार करने के साथ ऐतिहासिक इमारतों को सूचीबद्ध किया जाएगा।
चिटनीस ने कहा है कि बुरहानपुर की विरासत न केवल स्मारकों में निहित है, बल्कि सदियों पुराने भवनों में किस्से-कहानियां जीवित हैं। इस नगर के विकास के लिए इसे विरासत नगर घोषित किया जाना आवश्यक है।
उन्होंने कहा है कि केंद्र को भेजे जाने वाले प्रस्ताव में यूनेस्को के तय मापदंडों की पूर्ति की जाएगी। उनका मानना है कि बुरहानपुर को विरासत नगर का दर्ज मिलने के बाद विकास की रफ्तार और तेज होगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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