पाकिस्तान में उर्दू को राजभाषा बनाने की याचिका खारिज
याचिकाकर्ता और उसके वकील के पेश न होने पर लाहौर उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश ख्वाजा मोहम्मद शरीफ ने जनहित याचिका को खारिज कर दिया।
स्थानीय निवासी साना उल्लाह की ओर से दायर याचिका में कहा था कि कायद-ए-आजम मोहम्मद अली जिन्ना ने ढाका में वर्ष 1948 में छात्रों को संबोधित करते हुए उर्दू को पाकिस्तान की राजभाषा बनाने की बात कही थी।
उन्होंने कहा कि ऐसा 62 साल बाद भी नहीं हो सका और अंग्रेजी देश की आधिकारिक भाषा बन गई।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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