'ब्लैकबेरी पर संघर्ष का खतरा नहीं लेंगे भारत, यूएई'
गुरमुख सिंह
टोरंटो, 13 अक्टूबर (आईएएनएस)। ब्लैकबेरी निर्माता कनाडाई कम्पनी रिसर्च इन मोशन (आरआईएम) ने हालांकि भारत सरकार की सुरक्षा चिंताएं दूर करने के लिए निर्धारित 31 दिसम्बर की नई समय सीमा के बारे में कोई टिप्पणी नहीं की लेकिन जानकारों का कहना है कि भारत ब्लैकबेरी को बाहर का रास्ता दिखाकर संघर्ष पैदा करने का खतरा मोल नहीं लेगा।
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मंगलवार को आरआईएम को अपनी सांकेतिक भाषा में संदेश प्रसारित करने वाली ईमेल और मैसेजिंग सेवाओं पर सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी सुनिश्चित करने के मामले में छह सप्ताह में दूसरी बार राहत दी है। सरकार ने कम्पनी को दी गई समय सीमा 31 दिसंबर तक के लिए बढ़ा दी है।
जानकारों का कहना है कि भारत का यह निर्णय इस बात से प्रेरित है कि उभरती अर्थव्यवस्थाएं व्यापार के लिए जरूरी बन चुकी सुरक्षित सेवाओं को बंद करने में सक्षम नहीं है। इससे पहले संयुक्त अरब अमीरात ने भी शुक्रवार को इस स्मार्टफोन कम्पनी पर प्रतिबंध लगाने से इंकार किया।
कनाडाई प्रेस के मुताबिक मॉर्गन कीगन एण्ड कम्पनी के विशेषज्ञ टैविस मक्कॉर्ट ने कहा, "कोई देश ब्लैकबेरी को प्रतिबंधित करके अलोकतांत्रिक देश साबित नहीं होना चाहता।"
उन्होंने कहा, "मैं इसे इस नजरिए से देखता हूं कि इसे चीन मान्य करता है आप नहीं कर रहे। एक देश के तौर पर आपको जनसंपर्क को लेकर गंभीर परेशानियां पैदा होंगी।"
एमकेएम पार्टनर्स के विशेषज्ञ टेरो कुट्टीनेन ने कहा कि यह आरआईएम और भारत दोनों के हित में होगा कि वह संयुक्त अरब अमीरात की तरह किसी समझौते पर पहुंचें।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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