कानपुर में प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज, कई घायल
बड़ी संख्या में समाजसेवियों, व्यापारियों, विभिन्न महिला संगठनों और राजनीतिक दलों से जुड़े लोग पीड़िता के परिजनों के साथ सिर पर काली पट्टी बांधकर बुधवार को कल्याणपुर स्थित भारतीय ज्ञानस्थली स्कूल के बाहर एकत्र होकर उसे बंद कराने की मांग कर रहे थे। इस दौरान वहां भारी संख्या में पहुंची पुलिस ने जमकर लाठियां भांजीं।
गत 29 सितम्बर को हुई घटना के बाद से स्कूल बंद था और बुधवार को जब स्कूल प्रशासन ने उसे खोला तो स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन कर उसे बंद कराने की मांग की।
स्थानीय पार्षद अनीता दीक्षित ने कहा कि पुलिस के बर्बर लाठीचार्ज में शांतिपूर्ण ढंग से प्रदशर्न कर रहे करीब 15 लोगों को गंभीर चोटें आई हैं, वहीं पुलिस ने किसी के गंभीर रूप से चोटिल होने से इंकार किया है।
उल्लेखनीय है कि कक्षा चार की छात्रा पूनम (परिवर्तित नाम) से कथित रूप से स्कूल के अंदर दुष्कर्म हुआ था। खून से लथपथ स्थिति में स्कूल की दो महिला कर्मचारी उसे घर छोड़ गई थीं, जिसके बाद जब उसके घरवाले उसे अस्पताल ले जा रहे थे तभी रास्ते में ही उसकी मौत हो गई थी।
पुलिस ने बाद में इस मामले में छात्रा के पड़ोसी युवक मुन्ना को घटना का आरोपी बताते हुए गिरफ्तार किया था।
छात्रा की मां का आरोप है कि स्कूल प्रबंधक के छोटे बेटे पीयूष ने स्कूल में उनकी बेटी के साथ दुष्कर्म किया जिससे उसकी मौत हुई। उनका कहना है कि पुलिस उसे बचाने के लिए मुन्ना को बलि का बकरा बना रही है। उन्होंने कहा कि हमारी मांग है कि पीयूष की डीएनए जांच कराई जाए।
भारतीय जनता पार्टी पार्टी (भाजपा) के स्थानीय विधायक (जनरलगंज विधानसभा सीट) सलिल विश्नोई ने स्कूल बंद कराने की मांग करते हुए कहा कि अगर ऐसे अपराधी स्कूल चलाएंगे तो ऐसी घटनाएं आए-दिन सामने आती रहेंगी। उन्होंने मांग की कि राज्य सरकार मामले में दखल दे, जिससे दोषियों के खिलाफ कार्रवाई हो सके।
उधर कानपुर के पुलिस उप-महानिरीक्षक प्रेम प्रकाश ने संवाददाताओं से कहा कि अगर पीड़ित छात्रा का परिवार पुलिस की जांच से संतुष्ट नहीं है तो मामले की जांच दूसरे थाने को स्थानांतरित की जाएगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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