भाजपा ने की भारद्वाज को वापस बुलाने की मांग (लीड-2)
मनमोहन सिंह से मुलाकात के बाद राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष अरुण जेटली ने संवाददाताओं को बताया कि भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया गया है कि भारद्वाज को जल्द से जल्द वापस बुला लिया जाए क्योंकि वह अपने पद पर बने रहने का अधिकार खो चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भारद्वाज ने राजभवन को राजनीतिक षड्यंत्र का केंद्र बना दिया है। पार्टी बीते कुछ दिनों से भारद्वाज पर लगातार हमले बोल रही है।
इस प्रतिनिधिमंडल में जेटली के अलावा पार्टी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष सुषमा स्वराज और वेंकैया नायडू शामिल थे। भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी प्रधानमंत्री से मिलने वाले इस प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा नहीं बन सके क्योंकि वह बिहार में विधानसभा चुनाव के प्रचार में व्यस्त हैं।
भारद्वाज ने बुधवार को मुख्यमंत्री बी.एस. येदियुरप्पा को दूसरा मौका देते हुए 14 अक्टूबर तक विधानसभा में फिर से बहुमत साबित करने के लिए कहा था। राज्यपाल की इस बात को पार्टी ने स्वीकार कर लिया है। इस बारे में जेटली ने कहा, "फिर से बहुमत साबित करने की बात हमने स्वीकार की है क्योंकि हम नहीं चाहते थे कि संवैधानिक संस्थाओं के बीच टकराव की स्थिति पैदा हो।"
गौरतलब है कि सोमवार को विधानसभा अध्यक्ष के. जी. बोपैया ने विश्वास प्रस्ताव पर मतदान से पहले 16 बागी विधायकों को दल-बदल कानून के तहत अयोग्य करार दिया था और इसके बाद येदियुरप्पा सरकार ने ध्वनिमत से विश्वासमत हासिल कर लिया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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