विद्रोही विधायकों पर उच्च न्यायालय ने फैसला सुरक्षित किया (लीड-1)
मुख्य न्यायाधीश के.एस.खेखर और न्यायमूर्ति एन.कुमार की पीठ ने भाजपा के विद्रोहियों पर अपना फैसला सुरक्षित कर लिया। इसके पहले विद्रोहियों के वकील पी.पी.राव और राज्य सरकार के वकील सोली सोराबजी ने अपनी-अपनी बहस पूरी की।
निर्दलीय विद्रोहियों के मामले में पीठ ने उनके वकील के.जी.राघवन को कहा कि संयुृक्त रिट याचिका फिर से दायर करें, क्योंकि उनकी मूल याचिका में एक तकनीकी गड़बड़ी थी।
निर्दलीय विधायकों की मूल याचिका में लिखा गया था कि उन्होंने भाजपा को कभी नहीं छोड़ा। जबकि बहस में उनके वकील राघवन ने कहा कि ये विधायक भाजपा में कभी शामिल नहीं हुए थे।
यद्यपि अदालत संयुक्त याचिका को फिर से दायर करने की अनुमति दे दी, लेकिन उनकी अयोग्यता पर स्थगन आदेश देने से इंकार कर दिया। इस कारण विद्रोहियों को कोई राहत नहीं मिल पाई।
ज्ञात हो कि कर्नाटक के मुख्यमंत्री बी.एस.येदियुरप्पा ने सोमवार को भारी हंगामे के बीच विश्वास मत हासिल किया था। विधानसभा अध्यक्ष के.जी.बोपैया ने विश्वास मत के पहले ही 16 विधायकों को अयोग्य घोषित कर दिया था। बाद में ये विधायक उच्च न्यायालय चले गए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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