आधारभूत संरचना परियोजनाओं के लिए लम्बी अवधि का कर्ज लेगी सरकार

मुखर्जी ने कहा, "सरकार का मानना है कि लम्बी अवधि की परिपक्वता वाले ऋण सामान्यता उपलब्ध नहीं होते। इसमें बाजार में लम्बी अवधि के ऋणों के लिए मानक दरों का अभाव और सम्पत्ति-देनदारी असंतुलन और इन ऋणों की उच्च लागत प्रमुख बाधाएं हैं।"

उन्होंने कहा कि सरकार आधारभूत संरचना के लिए वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराने के लिए बांड बाजार का ज्यादा उपयोग करना चाहती है। मुखर्जी ने इंडिया इंफ्रास्ट्रक्चर कम्पनी लिमिटेड (आईआईएफसीएल) और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के बीच एक समझौते पर हस्ताक्षर के लिए आयोजित कार्यक्रम के दौरान यह बात कही।

आईआईएफसीएल आधारभूत संरचना परियोजना को लम्बी अवधि के ऋण उपलब्ध कराने वाली सरकार के पूर्ण स्वामित्व की कम्पनी है।

मुखर्जी ने कहा कि 12वीं पंचवर्षीय योजना में आधारभूत संरचना क्षेत्र में लिए 10 खरब डॉलर के निवेश की जरूरत है। अनुमान के मुताबिक इस जरूरत को पूरा करने के लिए 30 प्रतिशत राशि की कमी पड़ेगी। आधारभूत संरचनाओं के लिए 300 अरब डॉलर की राशि सरकार लम्बी अवधि के ऋणों के जरिए उपलब्ध कराना चाहती है।

उन्होंने कहा कि मौजूदा पंचवर्षीय योजना में इस क्षेत्र में कुल 514 अरब डॉलर का निवेश हुआ। वित्त मंत्री ने कहा कि पर्याप्त और गुणवत्तापूर्ण आधारभूत संरचनाएं उपलब्ध कराना भारत की प्राथमिकता है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+