औद्योगिक उत्पादन की दर अगस्त में घटकर 5.6 प्रतिशत हुई (लीड-1)
केंद्रीय सांख्यिकी संगठन (सीएसओ) द्वारा मंगलवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक अगस्त महीने में औद्योगिक उत्पादन (आईआईपी) की वृद्धि दर पिछले साल के इसी महीने की 10.6 प्रतिशत वृद्धि दर से कम रही है।
अप्रैल से अगस्त महीने के दौरान औद्योगिक उत्पादन में वद्धि की औसत दर 10.6 प्रतिशत रही है जो कि पिछले साल की इसी अवधि में 5.9 प्रतिशत दर्ज की गई थी।
आईआईपी में शामिल कुल 17 उद्योगों में से 14 उद्योगों की उत्पादन दर में अगस्त में हल्की वृद्धि दर्ज की गई।
मुखर्जी ने मंगलवार को कहा कि देश में अगस्त महीने में औद्योगिक उत्पादन की विकास दर में आई कमी निराशाजनक है और इससे आर्थिक विकास प्रभावित हो सकता है।
मुखर्जी ने कहा, "आईआईपी के आंकड़ों से मुझे निराशा हुई। यह हमारी उम्मीदों के अनुरूप नहीं हैं।"
मुखर्जी ने कहा कि औद्योगिक उत्पादन में कमी आने से आर्थिक विकास प्रभावित हो सकता है।
आईआईपी में सबसे ज्यादा हिस्सेदारी वाले निर्माण क्षेत्र में अगस्त में 5.9 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई जबकि पिछले साल के इसी महीने में इसमें 10.6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई थी।
विद्युत उत्पादन क्षेत्र में भी पिछले साल की तुलना में वृद्धि दर में कमी आई है। इस क्षेत्र में उत्पादन वृद्धि दर अगस्त में केवल एक प्रतिशत दर्ज की गई जबकि पिछले साल के इसी महीने में यह दर 10.6 प्रतिशत थी।
खनन क्षेत्र की विकास दर पिछले साल के इसी महीने की 11 प्रतिशत विकास दर की तुलना में इस महीने 7 प्रतिशत रही।
भारत में डिलाइट के प्रमुख अर्थशास्त्री शांतो घोष ने कहा, "आधार प्रभाव और इस साल लंबे समय तक हुई मानसूनी बारिश के कारण मंदी की उम्मीद थी लेकिन यह मंदी उम्मीद से ज्यादा तेजी से आई है।"
पूंजीगत वस्तुओं का उत्पादन जुलाई में सबसे ज्यादा तेजी से बढ़ा था, अगस्त में इसमें 2.6 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
विभिन्न क्षेत्रों के इंटरमीडिएट उत्पादों का उत्पादन 10 प्रतिशत और आधार उत्पादों का उत्पादन 3.7 प्रतिशत की दर से बढ़ा।
फेडरेशन ऑफ चैंबर ऑफ कॉमर्स एण्ड इंडस्ट्री (फिक्की) के महासचिव अमित मित्रा ने कहा, "पूंजीगत वस्तुएं, गैर-टिकाऊ उपभोक्ता वस्तुएं और रसायक्ष जैसे प्रमुख क्षेत्रों में गिरावट के अलावा रुपये में जारी तेजी और बढ़ती ब्याज दरों से निर्माण क्षेत्र की विकास दर प्रभावित हो सकती है।"
आईआईपी के कमजोर आंकड़ों के चलते बम्बई स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 232 अंक गिरकर दोपहर के कारोबार में 20,107.25 के निचले स्तर तक पहुंच गया। कारोबार के अंत में यह 136.55 अंक गिरकर 20,203.34 अंक पर बंद हुआ।
भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के निदेशक चंद्रजीत बनर्जी ने कहा, "आरबीआई को अब प्रमुख ब्याज दरों में वृद्धि नहीं करनी चाहिए मांग और निवेश पर इसका बुरा असर पड़ सकता है और इससे मंदी की स्थिति पैदा हो सकती है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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